RBI का बड़ा एक्शन, इस बैंक पर लगा प्रतिबंध, ग्राहक नहीं निकाल पाएंगे खाते से पैसे 

आरबीआई ने एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाया है। वित्तीय स्थिति समीक्षा 6 महीने तक की जाएगी। अगले आदेश तक खाताधारक पैसे नहीं निकाल पाएंगे। आइए जानें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने यह कदम क्यों उठाया?
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रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित लोकनेते आरडी (अप्पा) क्षीरसागर सहकारी बैंक लिमिटेड, निफाड तालुका के खिलाफ सख्ती दिखाई है। इसे 16 दिसंबर से कारोबार बंद करने का आदेश जारी किया गया है। जिन भी लोगों का खाता इस बैंक में है, उन पर आरबीआई के एक्शनका प्रभाव पड़ने वाला है। उन्हें अब अकाउंट से पैसे विथ्ड्रॉ करने की अनुमति नहीं होगी।

आरबीआई ने इस कार्रवाई की जानकारी 16 दिसंबर 2025 मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है। जिसके मुताबिक बैंक भारतीय रिजर्व बैंक की लिखित मंजूरी के बिना कोई भी लोन और एडवांस्ड मंजूरी और रिन्यू नहीं कर सकता। इसे कोई निवेश करने, फंड उधार लेने और नए डिपॉजिट स्वीकार करने की अनुमति भी नहीं दी गई है। इसके अलावा देनदारी लेना और अपनी देनदारी और दायित्व को पूरा करने के लिए किसी भी अन्य कारण से कोई भी पेमेंट बैंक नहीं कर सकता। किसी प्रकार के एग्रीमेंट या व्यवस्था और संपत्ति को बेचने या ट्रांसफर करने का अधिकार भी नहीं होगा।

आरबीआई ने क्यों उठाया यह कदम?

आरबीआई ने बैंक की मौजूदा लिक्विडिटी स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी समझा। यह भी स्पष्ट किया है कि बैन बैंक के वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक जारी रहेगा। आरबीआई का अगले 6 महीने तक इसकी समीक्षा करता रहेगा। इसके बाद आदेश में बदलाव भी हो सकता है। इस एक्शन को लाइसेंस का रद्द होना नहीं माना जाएगा।

ग्राहकों की जमाराशि का क्या होगा?

आरबीआई के आदेश के तहत बैंक अपने ग्राहकों को कोई भी राशि निकालने की अनुमति नहीं दे सकता। लेकिन कुछ शर्तों के अधीन डिपॉजिट के बदले लोन को सेट ऑफ करने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा कर्मचारियों के वेतन, किराया, बिजली बिल आदि पर खर्च यह बैंक कर सकता है। बैंक पर प्रतिबंध लगने के कारण कस्टमर को खाते में जमा पैसों को लेकर चिंता सताती है। ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए डीआईसीजीसी से 5 रुपये तक की सीमा तक जमा राशि पर इंश्योरेंस क्लेम कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए सहमति और वेरिफिकेशन होना अनिवार्य है।

Manisha Kumari Pandey
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