
RBI Action: भारत में बैंकिंग सिस्टम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा संचालित किया जाता है। इन बैंकों को बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के कुछ प्रावधानों का पालन करना होता है। जब भी कोई बैंक इन नियमों का उल्लंघन करता है। तो आरबीआई सख्त कदम उठाता है। केंद्रीय बैंक ने दो सहकारी बैंकों के खिलाफ एक्शन लिया है। उन पर लाखों का जुर्माना लगाया है।
कुलीथलाई सहकारी शहरी बैंक लिमिटेड, तमिलनाडु पर 1 लाख रुपये का जुर्माना आरबीआई ने लगाया है। बापटला को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (आंध्र प्रदेश) पर 2 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया है।
बैंकों ने किया इन नियमों का उल्लंघन? (RBI Monetary Penalty)
आरबीआई द्वारा जारी बयान के मुताबिक बापटला को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड लिमिटेड ने अपने निर्देशक को और उनके रिश्तेदारों को लोन स्वीकृत किया। विवेकपूर्ण अंतर बैंक सकल और काउंटर पार्टी एक्स्पोज़र सीमाओं का उल्लंघन किया। इसके अलावा निर्धारित समय सीमा के भीतर कुछ ग्राहकों के खातों के केवाईसी रिकॉर्ड को केंद्रीय केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर अपलोड करने में भी विफल रहा। कुलीथलाई सहकारी शहरी बैंक लिमिटेड ने एसबीआई द्वारा दी जाने वाली दरों से अधिक ब्याज दरों पर जमा राशियों पर ब्याज की पेशकश की। पात्र एकल जोखिम सीमा से परे लोन स्वीकृत किए और एसएएस के तहत जारी निर्देशों का उल्लंघन करते हुए सावधि जमा राशियों की सुरक्षा के विरुद्ध संपार्श्विक सुरक्षा के विरुद्ध ऋण के अलावा नए लोन और एडवांस स्वीकृत किए। इतना ही नहीं अपने अंतिम मूल्यांकन सीआरएआर के विनियामक न्यूनतम 9% से कम होने के बावजूद अपने सदस्यों को शेयर पूंजी की वापसी की अनुमति थी।
क्या ग्राहकों पर पड़ेगा असर? (Bank News)
रिजर्व बैंक ने नियमों के अनुपालन में खामियों को देखते हुए यह कार्रवाई की है। इस एक्शन का असर ग्राहकों और बैंकों के बीच हो रहे लेनदेन पर नहीं पड़ेगा। आरबीआई ने अपने बयान में इस बात की पुष्टि की है। कस्टमर्स को टेंशन लेने की जरूरत नहीं है।

