गूगल पे और फोन पे को टक्कर देने आ रहा है टाटा पे, आरबीआई ने दिया एग्रीगेटर लाइसेंस, जानें डीटेल

Tata Pay

Tata Pay Payment App: टाटा ग्रुप को ई-कॉमर्स ट्रांजैक्शन करने की अनुमति मिल चुकी है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने दो कंपनियों के एग्रीगेटर लाइससेंस को हरी झंडी दिखा दी है। इसमें DigiO और टाटा पे शामिल हैं। टाटा पे पेमेंट ऐप पर डिजिटल भुगतान के जुड़ी कई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसका मुकाबला गूगल पे, फोन पे, पेटीएम, Rozarpay और अन्य ई-कॉमर्स ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म से होगा।

2022 में लॉन्च हुआ था ऐप

टाटा पे टाटा ग्रुप के यूनिट Tata Digital का एक भाग है। इसे वर्ष 2022 में ही लॉन्च किया गया था। वर्तमान में आईसीआईसीआई बैंक के पार्टनरशिप में इस ऐप पर यूपीआई सुविधा उपलब्ध है। हालांकि कंपनी ऐप से जुड़ी कई प्लानिंग भी कर रही है।

सरेंडर कर दिया था पहले डिजिटल पेमेंट बिजनेस का लाइसेंस

टाटा पे कंपनी का पहला डिजिटल पेमेंट बिजनेस नहीं है। इससे पहले टाटा ग्रुप Mobile Wallet नाम का प्रीपेड पेमेंट प्लेटफोरम लेकर आया है। लेकिन यह कुछ खास नहीं चल पाया। जिसके बाद फर्म ने 2018 में लाइसेंस को सरेंडर कर दिया था।

डिजिटल पेमेंट बिजनेस में दिख सकते हैं बदलाव

भारत में टाटा पे के लॉन्च पर मार्केट में कई बदलाव दिख सकते हैं। गूगल पे, पेटीएम और फोनपे फिलहाल सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जानें डिजिटल पेमेंट ऐप्स हैं। हालिया आंकड़ों के अनुसार भारत में Google Pay यूजर्स की संख्या करीब 67 मिलीयन हैं। फोन पे का इस्तेमाल करीब 1 बिलियन से अधिक लोग कर रहे हैं। जुलाई 2023 में आँकड़े के अनुसार करीब 9.3 करोड़ लोग पेटीएम का यूजर कर रहें।

Manisha Kumari Pandey
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