CBSE का बड़ा कदम, इंटर-जनरेशनल बॉन्डिंग पर जोर, स्कूलों को नई गाइडलाइंस जारी 

सीबीएसई ने छात्रों और बुजुर्गों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड ने इससे संबंधित नोटिफिकेशन भी जारी किया है। 
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केंद्र माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूलों में अंतर पीढ़ी संबंध को बढ़ावा देने के लिए खास पहल की है। सम्बद्ध विद्यालयों को नई गाइडलाइंस जारी की है। जिसका पालन करना होगा। बोर्ड के इस कदम से वरिष्ठ नागरिकों के बीच आपसी संबंध और उनकी भलाई को बढ़ावा मिलेगा। इससे संबंधित एक नोटिफिकेशन भी सीबीएसई ने आधिकारिक वेबसाइट https://cbseacademic.nic.in/ जारी किया है।

सीबीएसई ने यह कदम काउंसिल फॉर सीनियर सिटीजंस की सिफारिश और सामाजिक न्याय मंत्रालय की सलाह पर उठाया है। स्कूलों को कुछ गतिविधियों का आयोजन करना होगा। जिसमें छात्रों के साथ-साथ उनके दादा-दादी भी शामिल होंगे। इससे सामाजिक ढांचे में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता और सामान को बढ़ावा मिलेगा। बच्चों में मानवीय मूल्य, सहानुभूति और भावनात्मक समझ विकसित भी विकसित होगा।

इन गतिविधियों का कर सकते हैं आयोजन 

बोर्ड ने स्कूलों को स्वतंत्रता दिवस, बाल दिवस, इंटरनेशनल ओल्डर पर्सन डे जैसे जरूरी नेशनल या यादगार मौकों पर छात्रों के दादा-दादी को आमंत्रित करने की सलाह दी है। ताकि उनके के बीच बॉन्डिंग बढ़ सके। वरिष्ठ नागरिकों के इस तरह शामिल होने से छात्रों के बीच आपसी समझ, इमोशनल जुड़ाव और सम्मान भी बढ़ेगा। इसके अलावा स्कूल “Walkathon”  जैसे प्रोग्राम भी आयोजित कर सकते हैं। जिसमें दादा-दादी अपने पोते-पोतियों के साथ वॉक कर सकते हैं। ताकि सीनियर नागरिकों को अकेलेपन से दूर रखा जा सके।

स्कूलों को ये निर्देश भी दिए गए 

सीबीएसई ने स्कूलों को सभी गतिविधियों सबको साथ लेकर और अच्छे तरीके से आयोजित करने का निर्देश दिया है। जरूरत पड़ने पर स्कूल ऐसे कार्यक्रमों के बारे में पहले से जानकारी से संबंधित अधिकारियों और मंत्रालय को दे सकते हैं। कई गतिविधियों का रिकॉर्ड भी रख सकते हैं, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने प इसका इस्तेमाल हो किया जा सके।

Manisha Kumari Pandey
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