CBSE का बड़ा कदम: प्रैक्टिकल एग्जाम के लिए नई सुविधा शुरू, स्कूलों को नोटिस जारी

सीबीएसई ने प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए इंटीग्रेटेड पेमेंट सिस्टम लॉन्च किया है। स्कूलों को जरूरी निर्देश भी दिए गए हैं, जिसका पालन करना अनिवार्य होगा। आइए जानें इसके क्या फायदे हैं?
CBSE news

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 2024-25 की कक्षा 12वीं की प्रैक्टिकल परीक्षाओं के लिए इंटीग्रेटेड भुगतान सिस्टम शुरू किया है। इसे पारिश्रमिक और अन्य खातों से संबंधित भुगतान  के प्रसंस्करण के लिए लॉन्च किया गया है। इससे संबंध नोटिस बोर्ड ने ऑफिशियल वेबसाइट www.cbse.gov.in पर जारी किया है। स्कूलों को भी कुछ बातों का ख्याल रखना होगा। लापरवाही होने पर कार्रवाई भी हो सकती है।

यह सिस्टम पहले के मैन्युअल और अधिक समय लेने वाले सिस्टम की जगह लेगा। जिसके कारण गलतियों की संभावनाएं कम होगी। स्वचालित गणना समेत कई सुविधाओं का लाभ भुगतान के दौरान मिलेगा। स्कूल LOC आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल करके आईपीएस पोर्टल पर लॉगिन कर सकते हैं।

स्कूलों को दी गई ये सलाह

स्कूलों को सीबीएसई ने आईपीएस पोर्टल की जांच करने और जरूरी डेटा प्रविष्टि जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है। परीक्षा अधिकारियों के खाते  की जानकारी सही-सही दर्ज हो, यह सुनिश्चित करने के जिम्मेदारी भी स्कूलों को दी गई है। प्रधानाचार्य को आईपीएस पोर्टल पर डेटा को अंतिम रूप देने से पहले व्यक्तिगत रूप से उसकी समीक्षा करनी होगी। यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी परीक्षक या पर्यवेक्षक का डेटा अधूरा ना रहे।

गलती होने पर क्या होगा?

बोर्ड में नोटिफिकेशन में कहा कि, “यदि परीक्षा अधिकारियों के बैंक खाते की जानकारी देने में किसी प्रकार की गलती होती है तो इसके परिणाम स्वरुप गलत व्यक्ति को भुगतान हो सकता है। ऐसी स्थिति में संबंधित  स्कूल के प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी होगी। उनसे गलती से भुगतान की गई राशि की वसूली की जाएगी।”

छात्रों के हित में बोर्ड ने एक और पहल 

सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों में नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन मानस-1933 का प्रसार करने का निर्देश दिया है। इसका इस्तेमाल  रिहैबिलिटेशन और काउंसलिंग जैसे जानकारी का प्रसार करने के लिए किया जाएगा। सभी स्कूलों को छात्रों, शिक्षकों, अभिभावक और हितधारकों के बीच मानस हेल्पलाइन की जानकारी शेयर करने का निर्देश दिया गया है। इससे संबंधित बैनर गेट, नोटिस बोर्ड रिसेप्शन और स्कूल के अन्य मुख्य स्थानों पर प्रदर्शित किए जाएंगे। असेंबली, पैरेंट टीचर मीटिंग और अन्य जरूरी कार्यक्रमों के दौरान  मैसेज को साझा की करने की सलाह भी स्कूलों को दी गई है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews