प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वार्षिक कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ का इंतजार कर रहे छात्रों और अभिभावकों के लिए नया अपडेट आया है। कार्यक्रम से पहले एक छोटा वीडियो जारी किया गया है, जिसे इस साल के इवेंट का ‘ट्रेलर’ बताया जा रहा है। MyGov के आधिकारिक X हैंडल पर साझा किए गए इस वीडियो में पीएम मोदी छात्रों के साथ बेहद सहज और दोस्ताना माहौल में बातचीत करते दिख रहे हैं।
वीडियो में छात्र बिना किसी झिझक के पीएम मोदी से परीक्षा के डर, आत्मविश्वास की कमी और तैयारी से जुड़े सवाल पूछते नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री भी छात्रों के सवालों को ध्यान से सुनते और सरल भाषा में उनका जवाब देते दिखाई देते हैं। इस झलक ने कार्यक्रम को लेकर उत्सुकता और बढ़ा दी है।
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लिखने की आदत है सबसे जरूरी
ट्रेलर में जब एक छात्र ने आत्मविश्वास बढ़ाने का तरीका पूछा, तो पीएम मोदी ने एक बेहद कारगर सलाह दी। उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी के लिए सबसे अहम आदत ‘लिखने की आदत’ है।
“जो भी हम पढ़ते हैं, वह हमारे दिमाग में कहीं न कहीं जमा रहता है। जब हम उसे लिखते हैं, तो वह और साफ हो जाता है।” — नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
पीएम मोदी ने छात्रों को अपनी तैयारी और तरीकों पर भरोसा रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि हर किसी को सब कुछ नहीं आता, लेकिन हर व्यक्ति में कोई न कोई खास बात जरूर होती है। इसी आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने पर डर अपने आप कम हो जाता है।
इस साल भागीदारी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
इस वर्ष ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम ने लोकप्रियता के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस बार रिकॉर्ड 4.5 करोड़ छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इसके अलावा, कार्यक्रम से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में 2.26 करोड़ से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया, जिससे कुल भागीदारी 6.76 करोड़ के पार पहुंच गई। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 11 जनवरी को समाप्त हो गई थी।
कब होगा कार्यक्रम का आयोजन?
हालांकि, ‘परीक्षा पे चर्चा’ के सातवें संस्करण की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि इसका आयोजन इसी महीने के अंत तक हो सकता है। हर साल की तरह इस बार भी लाखों छात्र प्रधानमंत्री के साथ सीधे संवाद का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक अन्य वीडियो में छात्र पीएम मोदी के लिए प्रेरणादायक गीत गाते हुए भी नजर आए, जिसमें उन्होंने अनुशासन और लक्ष्य निर्धारण जैसे मुद्दों पर भी सवाल पूछे।
