कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह की मेहनत लाई रंग, संयुक्त सचिव ने दी वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बधाई

कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह की मेहनत लाई रंग, संयुक्त सचिव ने दी वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बधाई

छतरपुर,संजय अवस्थी। कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह की मेहनत रंग ला रही है,वह लगातार जिले में बेहतर शिक्षा,स्वास्थ, कृषि,सहित जनहित के कार्य कर रहे है। आज प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान के लिए दिए गए लक्ष्य को 74% कार्य पूर्ण करने पर वीडियो कांफ्रेंस में संयुक्त सचिव ने छतरपुर कलेक्टर शीलेंद्र सिंह को  बधाई दी है। छतरपुर जिले ने प्रदेश में दूसरा तथा देश मे चौथा स्थान प्राप्त किया है। गौरतलब है कि अभी हाल ही में आकांक्षी जिलों में नंबर 7 पर छतरपुर आया है।

कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने बताया कि देश के आकांक्षी जिले जो 112 है, उनमे छतरपुर को रखा गया है। उसके लिए हर सोमवार की टीएल मीटिंग में जो आकांक्षी जिलों के सब्जेक्ट लिए गए हैं, जैसे स्वास्थ्य शिक्षा जिले में चल रहे निर्माण कार्य रपर हम सभी अधिकारी चर्चा करते हैं और कोई परेशानी है तो कैसे दूर किया जाए इसपर बात करते हैं। इसीलिए यह अच्छे परिणाम आए हैं और आगे भी यह प्रयास रहेगा कि छतरपुर जिले में और बेहतर तरीके से काम हो। आने वाले दिनों में कृषि स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में जहां जितनी आवश्यकता  होगी उसपर विशेष ध्यान दिया जाएगा। छतरपुर जिला कृषि प्रधान जिला है और कृषि के क्षेत्र में जितना अच्छा होगा वह आगे भी किया जाएगा, जिससे किसानों को लाभ होगा।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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