पुलिस ने पति-पत्नी को पीटा, गुस्साए ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

पुलिस ने पति-पत्नी को पीटा, गुस्साए ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

छतरपुर| मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में रविवार सुबह ग्रामीणों ने झांसी-खजुराहो फोर लेन पर चक्काजाम कर दिया| ग्रामीणों ने पुलिस पर स्थानीय दंपत्ति के साथ मारपीट करने और गुंडागर्दी करने का आरोप लगाते हुए चक्काजाम किया| जाम की खबर लगते ही नौगांव के एसडीएम और एसडीओपी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया| दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम खत्म किया|

दरअसल पूरा घटनाक्रम झांसी-खजुराहो फोर लेन के अलीपुरा का है| जहां पीएनसी कंपनी द्वारा फोर लेन सड़क का निमार्ण किया जा रहा है| इस निर्माण के अंतर्गत स्थानीय रहवासी संतोष पाल का कच्चा मकान भी आ रहा है| सड़क निर्माण में घर की जमीन आने से संतोष मुआवाजे के लिए तहसील में मामला चला रहा है| मामले का फैसला अब तक नहीं आने के कारण संतोष और अन्य ग्रामीणों द्वारा मकान को गिराने पर आपत्ति जताई जा रही थी| इसके बाद भी पीएनसी कंपनी और पुलिसकर्मियों ने जबरदस्ती कर जेसीबी की मदद से उसका मकान गिरा दिया| मकान गिराने का जब संतोष और उसकी पत्नी ने विरोध किया, तो इन पुलिसकर्मियों ने दोनों के साथ मारपीट कर दी| पुलिस की पिटाई से संतोष की पत्नी बेहोश हो गई| जैसे ही ग्रामीणों को इस घटना के बारे में पता चला तो उन्होंने पुलिस की इस गुंडागर्दी के खिलाफ सड़क पर चक्काजाम कर दिया| इस दौरान करीब 3 घंटे तक लगे जाम से हाईवे पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई| चक्काजाम की सुचना पाकर मौके पर नौगांव के एसडीएम और एसडीओपी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गई| उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों का चक्काजाम समाप्त करवाया|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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