छत्तीसगढ़ के गांवों में खुलेंगे CBSE स्कूल, निवेशकों को मिलेगी सब्सिडी, सरकार ने पूरी की तैयारी

गांवों के बच्चों को इंग्लिश मीडियम जैसे स्कूलों में पढ़ने के लिए शहर की जाना पड़ता है। ऐसे में अब राज्य सरकार छत्तीसगढ़ निजी विद्यालय प्रोत्साहन नियम 2025 तैयार किया है। इस नीति के तहत अब गांव में CBSE स्कूल खोले जाएंगे। इसके लिए सरकार भी प्रोत्साहित करेगी।
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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) सरकार ग्रामीण और पिछड़े शहरी इलाकों को विकसित करने के लिए कई प्रयास और योजनाएं चला रही है। इसी कड़ी में अब राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एक और कदम उठा रही है। गांव में आज भी उच्च शिक्षा का अभाव देखा जाता है तो वहीं गांवों के बच्चों को इंग्लिश मीडियम जैसे स्कूलों में पढ़ने के लिए शहर की जाना पड़ता है। ऐसे में अब राज्य सरकार छत्तीसगढ़ निजी विद्यालय प्रोत्साहन नियम 2025 तैयार किया है। इस नीति के तहत अब गांव में CBSE स्कूल खोले जाएंगे। इसके लिए सरकार भी प्रोत्साहित करेगी।

बता दें कि इस अधिनियम के तहत गांवों में भी शहर जैसी आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ऐसे निवेशकों को भारी सब्सिडी देगी जिन्हें औद्योगिक विकास नीति के दायरे में भी शामिल किया गया है। इससे गांवों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) वाले स्कूल खोले जाएंगे।

जो विद्यालय विकासखंड मुख्यालय से 10 किलोमीटर की परिधि में या सीमित सुविधाओं वाले नगरीय क्षेत्रों में खोले जाएंगे, उन्हें निवेश प्रोत्साहन मिलेगा। इनमें कम से कम 500 छात्रों की क्षमता और कक्षा पहली से बारहवीं तक CBSE मान्यता अनिवार्य होगी।

स्कूल में रहेंगी ये सुविधाएं

स्कूल में बच्चों के लिए कई सुविधाएं दी जाएंगी। परिसर में छात्रावास, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला और खेल सुविधा की व्यवस्था अनिवार्य है। इच्छुक निवेशकों को उद्यम आकांक्षा प्रमाण पत्र और विस्तृत परियोजना के साथ आवेदन जमा करना होगा। प्रस्ताव में परियोजना की संक्षिप्त रूपरेखा, निवेश लागत का विवरण, स्थल चयन, आर्किटेक्चरल प्लान और संभावित रोजगार के आंकड़े शामिल होने चाहिए। निवेश की गणना लोक निर्माण विभाग की दर अनुसूची या 2,000 प्रति वर्गफुट, जो न्यूनतम हो, के आधार पर की जाएगी।

कैसे मिलेगी सब्सिडी?

छत्तीसगढ़ सरकारा ने इस अधिनियम को लेकर कड़े नियम बनाए हैं। निवेशकों के आवेदन आने के बाद उद्योग संचालनालय सैद्धांतिक स्वीकृति जारी करेगा। इसके बाद इकाई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के परिशिष्ट 7/8 के अंतर्गत निवेश प्रोत्साहन के लिए पात्र होगी। इस नीति के तहत ब्याज सब्सिडी, पूंजी लागत सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी छूट, बिजली शुल्क छूट जैसे प्रोत्साहन उपलब्ध हैं। हालांकि, भूमि, कार्यशील पूंजी और प्रारंभिक व्यय को इसमें नहीं गिना जाएगा।

Shyam Dwivedi
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