
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पूर्व मंत्री ने सरकार को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कोरबा कलेक्टर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं और कार्रवाई की मांग की है। पूर्व मंत्री ने कहा कि कलेक्टर के खिलाफ सबूत मौजूद हैं और अगर सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। इस बयान ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है।
पूर्व मंत्री ने दावा किया कि कोरबा कलेक्टर ने अपने पद का दुरुपयोग कर कई अनियमितताएं की हैं। उनके अनुसार, जिले में कई परियोजनाओं और योजनाओं में भ्रष्टाचार हुआ है, जिसके लिए कलेक्टर जिम्मेदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय लोग इस भ्रष्टाचार से त्रस्त हैं और इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। पूर्व मंत्री ने सरकार से तत्काल जांच की मांग की है।
7 दिन का दिया समय
इसके साथ ही, पूर्व मंत्री ने सरकार को सात दिन का समय दिया है, जिसमें कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने की मांग की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे अपने समर्थकों के साथ सड़कों पर उतरेंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस अल्टीमेटम ने जिला प्रशासन और सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।
राजनीतिक हलकों में मुद्दे पर चर्चा
स्थानीय लोगों और राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग पूर्व मंत्री के आरोपों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक स्टंट बता रहे हैं। अब सबकी नजरें सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, क्योंकि यह मामला कोरबा की सियासत में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
