
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि राज्य में मातृ मृत्यु दर (मैटर्नल मॉर्टेलिटी रेट) 141 प्रति लाख जीवित जन्म है, जबकि शिशु मृत्यु दर (इन्फेंट मॉर्टेलिटी रेट) 38 प्रति हजार जीवित जन्म दर्ज की गई है। यह आंकड़े स्वास्थ्य विभाग की हालिया रिपोर्ट पर आधारित हैं।
मंत्री जायसवाल ने कहा कि सरकार मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसके तहत राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने, प्रसव पूर्व और प्रसव पश्चात देखभाल को बेहतर करने और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। विशेष रूप से आदिवासी और सुदूर क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की भूमिका
स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों में आंगनवाड़ी केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की भूमिका को और प्रभावी बनाया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं के लिए पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच और सुरक्षित प्रसव की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा, नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए विशेष इकाइयों की स्थापना भी की जा रही है।
गैर-सरकारी संगठनों के साथ मिलकर काम
मंत्री ने यह भी जोड़ा कि इन आंकड़ों को और कम करने के लिए सरकार और गैर-सरकारी संगठनों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। जनता से भी अपील की गई है कि वे स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं और जागरूकता फैलाने में सहयोग करें। सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ में मातृ और शिशु मृत्यु दर को राष्ट्रीय औसत से भी नीचे लाया जाए।
