बस्तर पंडुम के समापन समारोह में शामिल हुए अमित शाह, कहा- यहां की पहचान बारूद नहीं संस्कृति, नक्सलवाद तय समय में होगा खत्म

जगदलपुर में 'बस्तर पंडुम' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद को तय समय में खत्म करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि बस्तर की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति से है और इसे प्रदेश का सबसे विकसित संभाग बनाया जाएगा, साथ ही विकास की नई योजनाओं की भी घोषणा की।
Amit Shah

जगदलपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर को लेकर एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि इस क्षेत्र की पहचान बारूद से नहीं, बल्कि इसकी समृद्ध और अनूठी संस्कृति से है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद का तेजी से सफाया हो रहा है और इसे एक तय समय सीमा के भीतर पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।

जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित ‘बस्तर पंडुम’ के मंच से उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि बस्तर को प्रदेश का सबसे विकसित संभाग बनाया जाएगा। कार्यक्रम में पहुंचने पर उनका पारंपरिक स्वागत किया गया, जिसमें उन्हें कौड़ी की माला और पारंपरिक पगड़ी पहनाई गई।

“बस्तर की पहचान बारूद नहीं, बल्कि उसकी समृद्ध संस्कृति और कला है। इस कला और संस्कृति को प्रभु श्रीराम के समय से संजोकर रखा गया है जो विश्व में अद्वितीय है।”- अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री

संस्कृति और कला को नया जीवन

अमित शाह ने ‘बस्तर पंडुम’ के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने जनजातीय कलाकारों को एक बड़ा मंच देकर यहां की संस्कृति को पुनर्जीवित किया है। उन्होंने बताया कि यह उत्सव पहले सिर्फ 7 विधाओं तक सीमित था, लेकिन अब इसमें 5 नई विधाएं जुड़ गई हैं, जिससे यह 12 विधाओं का एक भव्य आयोजन बन गया है। इस कार्यक्रम में लगभग 55,000 लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें अबूझमाड़िया, माड़िया और मुरिया जनजातियों की भागीदारी उल्लेखनीय रही।

विकास की राह पर बस्तर

गृह मंत्री ने बस्तर के भविष्य की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि जैसे ही नक्सलवाद पूरी तरह खत्म होगा, क्षेत्र में नई पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। विकास को गति देने के लिए कई योजनाएं चल रही हैं।

शाह ने बताया कि बस्तर में 118 एकड़ में एक नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है, जिससे आदिवासी युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि रावघाट योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है, जो क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने नक्सलियों को एक कड़ा संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि जो नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे, उन्हें कोई आंच नहीं आएगी और मुख्यधारा में शामिल किया जाएगा। लेकिन, जो स्कूल और अस्पताल जैसी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाएंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

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