छत्तीसगढ़ दौरे पर राष्ट्रपति मुर्मू, जगदलपुर में ‘बस्तर पंडुम’ का किया शुभारंभ, सीएम साय ने 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य बताया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित लालबाग मैदान में 'बस्तर पंडुम' का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार ने 31 मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य रखा है और अब यहां हिंसा की जगह विकास ने ले ली है।
Bastar Pandum

जगदलपुर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपरा को समर्पित ‘बस्तर पंडुम’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित इस संभाग स्तरीय भव्य कार्यक्रम में उन्होंने आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को करीब से देखा और समझा। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।

इस आयोजन के दौरान, बस्तर की विभिन्न जनजातियों के पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, वाद्ययंत्र और वेशभूषा की आकर्षक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मौके पर राष्ट्रपति को ढोकरा कला से निर्मित कर्मा वृक्ष और कोसा शिल्प से तैयार गमछा भेंट कर सम्मानित किया।

बस्तर अब विकास की नई पहचान बना रहा है: सीएम साय

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मां दंतेश्वरी की पावन भूमि पर राष्ट्रपति का आगमन पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि पहले बस्तर को नक्सलवाद और भय के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यहां हिंसा की जगह विकास ने ले ली है।

“बस्तर पंडुम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को समर्पित एक मंच है। बस्तर केवल जंगलों की धरती नहीं, बल्कि समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की भूमि है।”- विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री

सीएम साय ने बताया कि सरकार ने 31 मार्च 2026 तक पूरे बस्तर संभाग से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बस्तर के कई गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया है, जो इस क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है।

54 हजार से ज्यादा लोगों ने कराया पंजीयन

मुख्यमंत्री ने ‘बस्तर पंडुम’ की बढ़ती लोकप्रियता का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार 54 हजार से ज्यादा लोगों ने अपना पंजीयन करवाया है। आयोजन में शामिल की जाने वाली विधाओं की संख्या भी पिछले साल के 7 से बढ़कर इस बार 12 हो गई है। यह आयोजन बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को एक बड़ा मंच प्रदान कर रहा है।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान मंच पर राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरणदेव और मंत्री केदार कश्यप समेत कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

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