इतिहास रचने जा रहे हैं छत्तीसगढ़ के 41 गांव! पहली बार गूंजेगा राष्ट्रगान, मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस 2026 छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के लिए इतिहास रचने जा रहा है। माओवादी प्रभाव से मुक्त हुए 41 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा, जो शांति, विश्वास और लोकतंत्र की मजबूत वापसी का प्रतीक है।
गणतंत्र दिवस

जहां कभी गोलियों की आवाज़ और डर का साया हुआ करता था, अब वहीं राष्ट्रगान की गूंज सुनाई देगी। गणतंत्र दिवस 2026 छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के लिए एक नई शुरुआत लेकर आ रहा है। दशकों तक माओवादी हिंसा और भय के बीच जीने वाले 41 गांवों में पहली बार 77वां गणतंत्र दिवस पूरे सम्मान और उत्साह के साथ मनाया जाएगा।

इन गांवों में तिरंगा फहराने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। यह बदलाव सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की वापसी और शांति की मजबूत नींव का संकेत है, जिसे आम लोग लंबे समय से महसूस करना चाहते थे।

बस्तर के 41 गांवों में ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस 2026 बस्तर अंचल के लिए इसलिए ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि माओवादी प्रभाव से मुक्त हुए 41 गांवों में यह राष्ट्रीय पर्व पहली बार मनाया जाएगा। इन गांवों में बीजापुर जिले के 13, नारायणपुर जिले के 18 और सुकमा जिले के 10 गांव शामिल हैं। वर्षों तक ये इलाके राष्ट्रीय आयोजनों से कटे रहे, जहां डर और दबाव के कारण तिरंगा फहराना संभव नहीं था।

पुलिस और प्रशासन की भूमिका

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने इस बदलाव को भरोसे की बहाली का मजबूत उदाहरण बताया है। उनके अनुसार, ये गांव दशकों तक राष्ट्रीय धारा से अलग-थलग रहे, लेकिन अब वे संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बन रहे हैं। यह बदलाव अचानक नहीं आया, बल्कि इसके पीछे लंबे समय से चल रही सुरक्षा और विकास की रणनीति है।

अब कुल 54 गांवों में पहली बार गणतंत्र दिवस

अधिकारियों के मुताबिक यह बदलाव यहीं नहीं रुकेगा। पिछले साल 15 अगस्त को 13 गांवों में पहली बार स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। अब उन्हीं गांवों को मिलाकर कुल 54 गांव ऐसे हो जाएंगे जहां पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा।

राज्यभर में तैयारियां पूरी, रायपुर से बिलासपुर तक आयोजन

पूरे छत्तीसगढ़ में गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राजधानी रायपुर में राज्यपाल रमन डेका ध्वजारोहण करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साई बिलासपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर कार्यक्रम में शामिल होंगे। सुरक्षा, ट्रैफिक और जनभागीदारी को लेकर प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं।

राज्य सरकार का प्रयास है कि यह गणतंत्र दिवस सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम न रहे, बल्कि लोगों के दिलों में भरोसा और एकता की भावना को और मजबूत करे। खासकर बस्तर जैसे इलाकों में यह आयोजन भविष्य की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।

Bhawna Choubey
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