छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में बुधवार को अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की। इस दौरान प्राधिकरण के पिछले कार्यों की समीक्षा की गई और कलेक्टर को अधूरे कामों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बजट में हुआ इजाफा

बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपए कर दिया गया। इसके अलावा बाबा गुरु घासीदास की तपोस्थली गिरौदपुरी के विकास के लिए 2 करोड़ रुपए की घोषणा भी की गई।

युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण

अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 50 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। वहीं हर साल 5 छात्रों को पायलट प्रशिक्षण के लिए प्रति छात्र 15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया गया है। जैत खंभ निर्माण को लेकर अब समाज को विकल्प मिलेगा। वे चाहें तो लकड़ी या सीमेंट किसी भी सामग्री से खंभे बनवा सकते हैं।

उप मुख्यमंत्री की टिप्पणी

क्षेत्र में मजदूरों के पलायन के सवाल पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार इसे रोकने के लिए प्रयासरत है। हालांकि कुछ लोग शौकिया भी पलायन करते हैं और खेती-बाड़ी छोड़कर मानसून से पहले बाहर चले जाते हैं। सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर उप मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि बीते पांच वर्षों में सड़कों पर ध्यान नहीं दिया गया। वर्तमान सरकार को कार्यभार संभाले अभी डेढ़ साल ही हुआ है और लोक निर्माण विभाग तेजी से सुधार कार्यों में जुटा है।

बिजली बिल योजना पर दी सफाई

हाफ बिजली बिल योजना में कटौती को लेकर उप मुख्यमंत्री ने कहा,

“हम हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर बढ़ रहे हैं। केंद्र की ‘सूर्य घर योजना’ के तहत 2 किलोवाट के सोलर सिस्टम के लिए 60 हजार रुपए की सब्सिडी मिल रही है, और राज्य सरकार की तरफ से इसमें 30 हजार की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यानी कुल 90 हजार रुपए की राहत। लोग अब बैंक की आसान किस्तों में सौर ऊर्जा को अपनाकर बिजली पर निर्भरता कम कर सकते हैं।”

प्राधिकरण की बैठक के लिए जांजगीर-चांपा को इसलिए चुना गया क्योंकि यह क्षेत्र अनुसूचित जाति बहुल है। बैठक में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष खुशवंत साहब, मंत्रिमंडल के सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।