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जीतू पटवारी ने कहा “मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त किया जाए”, छिंदवाड़ा में पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ मुआवज़ा देने की मांग

Written by:Shruty Kushwaha
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आज पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मासूम बच्चों की मौत के बाद भी अगर सरकार की संवेदना जीवित है तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और प्रत्येक पीड़ित परिवार को कम से कम 1-1 करोड़ रुपए का मुआवज़ा तुरंत देना चाहिए। उन्होंने ड्रग कंट्रोलर, पीएम स्वास्थ्य, कमिश्नर स्वास्थ्य को भी बर्खास्त करने की मांग की है।
जीतू पटवारी ने कहा “मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त किया जाए”, छिंदवाड़ा में पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ मुआवज़ा देने की मांग

Chhindwara Children Death

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आज छिंदवाड़ा के परासिया पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि कांग्रेस इस दुख की घड़ी में प्रत्येक शोकाकुल परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक छिंदवाड़ा के उन नन्हे बच्चों को न्याय नहीं मिल जाता है जिनकी मासूम ज़िंदगी सरकारी लापरवाही और दवा माफिया की घिनौनी साज़िश का शिकार हो गईं।

बच्चों के परिवार से मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि वे तत्काल स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त करें। उन्होंने कहा कि सरकार की जवाबदेही तभी समझ आएगी जब इस तरह का ठोस कदम उठाएगी। इसी के साथ उन्होंने ये मांग भी की कि पीड़ित परिवारों के एक करोड़ का मुआवज़ा दिया जाए।

जीतू पटवारी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की

सीएम डॉ. मोहन यादव भी आज छिंदवाड़ा पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मिलने वाले हैं। इससे पूर्व जीतू पटवारी ने उन परिवारों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त करने की मांग भी की है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि “सोलह नवजात बच्चों की मौत अपने आप में मैसेज है कि सरकार कुंभकर्णी नींद में सो रही है। स्वास्थ्य मंत्री का जो बयान आया था उसमें कहा गया कि वो तत्व इस दवा में है ही नहीं जिससे बच्चों की मौत हो रही है। तमिलनाड़ु ने पहले ही जांच कर ली थी। आज मुख्यमंत्री आठ दिन बाद छिंदवाड़ा आ रहे हैं। तीन दिन पहले मुख्यमंत्री जी असम में थे, हाथियों को गन्ना खिला रहे थे, कामाख्या में पूजा कर रहे थे, नेशनल पार्क में शेर देख रहे थे। जब पहले बच्चे की मौत हुई तो हमारे विधायक ने चिट्ठी लिखी कि इसकी जांच होनी चाहिए पोस्टमार्टम होना चाहिए। फिर हमारे विधायक ने कहा कि एयर एंबुलेंस हो, अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं हो जिससे बच्चों की जान बच सकें।”

स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त करने की मांग 

जीतू पटवारी ने कहा कि सोलह बच्चों की कफ सिरप पीने से मौत पूरी तरीके से अकल्पनीय लापरवाही का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री जी से आग्रह है कि इसी वक्त स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त करेंगे तो लगेगा कि पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। अगर ड्रग कंट्रोलर, पीएम स्वास्थ्य, कमिश्नर स्वास्थ्य को बर्खास्त करेंगे तो समझ आएगा कि कार्रवाई हुई है। अन्यथा सरकार के चेहरे पर जो कालिख पुती है उसे पोंछने के लिए वो अभिभावकों से मिलना चाहते हैं। सरकार जनता के लिए होती है। जिन बच्चों को बचाने के लिए अभिभावकों ने अपना सबकुछ बेच दिया उन्हें एक करोड़ की सहायता की जाए। यहां आकर वीडियो बनाने की बजाय मुख्यमंत्री के दायित्व को निभाइये।” इस मामले में डॉक्टर को बर्खास्त करने पर उन्होंने कहा कि किसी भी डॉक्टर को ये पता नहीं होता है कि दवा में क्या है। डॉक्टर लैबोरेट्री नहीं है..जो तत्व दवा में दिखाए गए हैं उस आधार पर वो लिखता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री को..ड्रग कंट्रोलर को और संबंधित अधिकारियों  बर्खास्त किया जाना चाहिए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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