लॉक डाउन में बिना मास्क के घूम रहे लोगों पर यहां की पुलिस हई सख्त, वसूला इतना पैसा

लॉक डाउन में बिना मास्क के घूम रहे लोगों पर यहां की पुलिस हई सख्त, वसूला इतना पैसा

मंदसौर, तरुण राठौर

देश भर में कोरोना वायरस कहर बरपा रहा है। कोरोना के केस लगातार देश के हर राज्य में बढ़ रहे है। शासन-प्रशासन कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए लगातार प्रयास कर रही है। साथ ही लोगों को कोरोना से बचने के लिए मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने और सेनेटाइजेशन पर पूरा ख्याल रखने की लगातार अपील की जा रही है।

वहीं मंदसौर जिले में भी कोरोना का कहर जारी है। जिले में रोज लगभग पांच से ज्यादा मरीज सामने आ रहे है।  ऐसे में इस महामारी श्रंखला को रोकने के लिए शासन द्वारा पूरे प्रदेश में रविवार को पूर्ण लॉकडाउन लगाया है। जिसके तहत रविवार को नगर के तीनों थाना क्षेत्रों में बिना मास्क के बेवजह घूमने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। ताकि लगातार बढ़ रहे कोरोना ग्राफ को काबू में किया जा सके।

बिना मास्क के घूम रहे लोगों पर कार्रवाई को लेकर यातायात थाना प्रभारी का कहना है कि बिना मास्क पहले घूम रहे लोगों पर कार्रवाई करने के लिए दो टीम बनाई गई है, जो लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। अब तक कुल 54 चालान काटे गए, जिनसे कुल 5 हजार 400  रुपए शुल्क प्राप्त हुआ है| वहीं थाना यातायात द्वारा बीते सप्ताह कुल 174 चालान काटे गए थे, जिसमें 17 हजार 400 रुपए शुल्क प्राप्त हुआ | जो नगर पालिका, मंदसौर को जमा करवाया गया है |

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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