यहां लागा सात दिन का टोटल लॉक डाउन, 30 जुलाई रात 8 बजे से होगा शुरु, कलेक्टर ने दिया आदेश

यहां लागा सात दिन का टोटल लॉक डाउन, 30 जुलाई रात 8 बजे से होगा शुरु, कलेक्टर ने दिया आदेश

सिंगरौली/राघवेन्द्र सिंह गहरवार

मंगलवार यानि 28 जुलाई को जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित हुई, बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार कलेक्टर सिंगरौली राजीव रंजन मीणा के द्वारा जिला सिंगरौली में दिनांक 30 जुलाई 2020 को रात्रि 8:00 से दिनांक 5 अगस्त 2020 को सुबह 5 बजे तक संपूर्ण सिंगरौली जिले में टोटल लॉकडाउन घोषित किया गया है।

लॉकडाउन में सामान्यता किसी भी व्यक्ति को अपने घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी जिले की सीमा क्षेत्र के अंदर आवागमन एवं जिला तथा नगर निगम सीमा क्षेत्र में बाहर से आने जाने हेतु आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। शासकीय कार्यालय जैसे राजस्व , पुलिस , बैंक , विद्युत स्थानीय निकाय तथा अन्य आपातकालीन सेवा लॉक डाउन से मुक्त रहेंगे। कोई भी व्यक्ति मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर आवश्यक रूप से घर के बाहर नहीं निकलेगा। आवश्यक सेवाओं में समस्त शासकीय अशासकीय अस्पताल , मेडिकल स्टोर डेयरी की दुकान है,  जिले में सिर्फ दूध की बिक्री होगी घर-घर दूध पहुंचाने की सेवा, समाचार पत्रों का प्रातः कालीन वितरण,  गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप तथा शासकीय उचित मूल्य की दुकान एवं उचित मूल्य के माध्यम से वितरण लॉकडॉउन आदेश से मुक्त रहेंगे।

लोगों को सूचित किया जाता है कि वह घर पर ही रहे सिर्फ आवश्यक सेवा के लिए जो इस आदेश में उल्लेख है, घर के निकटतम सेवा प्रदाता तक ही जा सकते हैं, परंतु मास्क एवं सोशल डिस्टेंसिंग के दिशा निर्देश का पालन करना अनिवार्य है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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