डबरा: 12 घंटे में सुलझा 3 साल के मासूम के अपहरण का मामला, पुलिस ने सकुशल किया बरामद, परिवार में लौटी खुशियां

डबरा में एक तीन साल का मासूम का अपहरण हो गया था जिसके बाद पुलिस ने सर्च सर्च अभियान चलाकर महज 12 घंटे के भीतर की मासूम को सुरक्षित बरामद किया और परिजनों को सौंप दिया। साथ ही आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी।
Dabra News

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा से अपहरण का ताजा मामला सामने आया है। जहां बुधवार को दोपहर के करीब 12 बजे डबरा से एक तीन साल का मासूम बालक अपहरण हो गया था। जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और मजह 12 घंटे के अंदर ही मासूम को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया।

यह पूरा मामला डबरा सिटी थाना क्षेत्र के कर्रा आदिवासी दफाई का है। परिजनों ने जैसे ही इस घटना की सूचना पुलिस को दी तब सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी देर रात डबरा पहुंचे। पुलिस अधीक्षक धर्मवीर यादव के निर्देश पर थाना प्रभारी संजय शर्मा के नेतृत्व में प्रकरण दर्ज कर 5 सदस्यीय विशेष टीम गठित की।

पुलिस की टीम ने मासूम की तलाश के लिए एक सर्च अभियान चलाया। जिसके बाद पुलिस ने शिवपुरी के मगरोनी से आरोपी को पकड़कर मासूम को बरामद किया। महज 12 घंटे की कम अ​वधि में ही पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया। मासूम को उनके माता पिता के सुपुर्द किया जा चुका है और आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ​लिया है। जिसके बाद आरोपी से पूछताछ की जाएगी और फिर आगे कर कार्रवाई की जाएगी।

आरोपी ने मासूम का कैसे किया अपहरण?

जानकारी अनुसार, कर्रा दफाई निवासी 30 वर्षीय लक्ष्मी आदिवासी पत्नी नंदराम आदिवासी का तीन साल का बेटा कार्तिक उर्फ टिंकू बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे घर के बाद खेल रहा था। मासूम की मां ने जब घर से बाहर जाकर देखा तो उनका बेटा वहां नहीं था। जिसके बाद मासूम की चारों ओर तलाश शुरू हो गई। जब पूरे इलाके में मासूम की कोई हर खबर नहीं लगी तक परिजनों ने डबरा थाने में जाकर पुलिस को बच्चे के गायब होने की सूचना दी।

इसके बाद पुलिस ने परिजनों की सूचना पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया और तत्काल प्रभाव से मासूम की तलाश शुरू कर दी। मासूम की मांग ने थाने में अपने बेटे के अपहरण की आशंका जताई। शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर पुलिस ने गांव मेंं तलाश शुरू और वहां भी मासूम की नहीं मिला।

12 घंटे के भीतर ही पुलिस ने मासूम को किया बरामद

तब मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर पुलिस अधिक्षक धर्मवीर सिंह और एएसपी जयराज कुबेर मौके पर पहुंचे। जिसके बाद उन्होंने एसडीओपी भितरवार और एसडीओपी डबरा के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपी की तलाश में लगाई और रास्तों पर नाकेबंदी कर सघन चेकिंग अभियान चलाया। जिसके बाद पुलिस टीमों ने घटना के 12 घंटे के भीतर ही मासूम को दफाई के जंगल से सकुशल बरामद कर लिया।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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