पीएम आवास योजना में भ्रष्टाचार का आरोप, पंचायत सचिव ने मांगी 10,000 रुपये रिश्वत, SDM तक पहुंची शिकायत

डबरा में पीएम आवास योजना के नाम पट पंचायत सचिव द्वारा रिश्वत मांगने का आरोप है। एसडीएम के पास हितग्राहियों ने लिखित रूप में शिकायत की है। जांच की मांग भी की है।
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सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ता जा रहा है। डबरा (Dabra News) में पीएम आवास योजना के नाम रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। पात्र हितग्राहियों ने पंचायत सचिव पर 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत एसडीएम से की है।

डबरा की जनसुनवाई में ग्राम पंचायत चक उभरासी से आए फरियादी हितग्राही पंजाब सिंह पुत्र हाकिम सिंह और नारायण पुत्र प्रेम सिंह निवासी ने डबरा एसडीएम के सामने पंचायत सेक्रेटरी पर रिश्वत मांगने और रिश्वत न देने पर सचिव द्वारा शराब पीकर गाली-गलौज करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

 क्या है मामला?

फरियादी का कहना है कि उनका चक उभरासी में एक कच्चा आवास है। पीएम आवास योजना की लिस्ट में उनका नाम शामिल है। लेकिन किस्त दिलाने के लिए पंचायत सचिव संतोष बघेल ने रिश्वत की माँग की। वे पात्र हैं लेकिन फिर भी योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। क्योंकि उनके पास रिश्वत देने के लिए पैसे नहीं है। जब उन्होनें बिना पैसों के योजना का लाभ दिलाने की बात कही तो पंचायत सेक्रेटरी और सहायक सेक्रेटरी ने उनके साथ शराब पीकर दुर्व्यवहार किया। अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।

एसडीएम से की जांच की मांग

हितग्राहियों ने कहा, “रिश्वत के लिए मना करने पर लिस्ट में नाम हटाने की धमकी भी दी गई।” उन्होनें कहा, “पंचायत सचिव हमेशा अपनी मनमर्जी से काम करता है। जिसके कारण गाँव में सभी लोग परेशान हैं।” फरियादी ने एसडीएम ने इस मामले में जांच और कार्रवाई की माँग की है। ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके।

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डबरा से अरुण रजक की रिपोर्ट 

Manisha Kumari Pandey
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