Dabra News: डबरा के गीता टॉकीज चौराहे के पास लगी भीषण आग, ये है वजह, यहाँ जानें

Dabra News: डबरा के गीता टॉकीज चौराहे के पास लगी भीषण आग, ये है वजह, यहाँ जानें

Dabra News: डबरा में गीता टॉकीज चौराहे के पास लगे एक बिजली के खंबे में भीषण आग लगी। जिसे कड़ी मशक्कतों के बाद स्थानीय लोग बुझाने में सफल हुए। डबरा में बिजली की समस्या को लेकर आए दिन कई तरह के मामले सामने आते रहते हैं फिर चाहे वह किसी ट्रांसफार्मर की बात हो या फिर विद्युत विभाग से जुड़ी और समस्याएं लेकिन विद्युत विभाग इन समस्याओं को अनदेखा कर देता है ऐसा इसलिए कहा जा सकता है कि डबरा शहर में लाइट के खंभों पर और कितने ही ट्रांसफार्मरों पर पावर लोड क्षमता से अधिक रहता है जिसके कारण दुर्घटना होने का खतरा निरंतर बना रहता है।

आग पर काबू पाया गया

ऐसी ही यह घटना डबरा के गीता टॉकीज चौराहे के पास लगे बिजली के खंबे पर हुई जिसमें बिजली के खंबे में लगा बॉक्स पूरी तरह से आग की लपटों से देहक रहा था। बिजली के पोल पर आग इतनी जोरों से देहक रही थी की वहां से गुजर रहे आने जाने वाले लोगों की भी भीड़ जमा हो गई। आग को बढ़ता देख स्थानीय लोगों ने अलग-अलग प्रयास करके आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन बिजली के पोल पर आग लगने के कारण खतरा अधिक था जिससे आग पर काफी मशक्कतों के बाद स्थानीय लोगों ने काबू पाया।

पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना

ऐसी घटना डबरा में पहली बार नहीं है आए दिन कहीं ना कहीं ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। क्योंकि लाइट के खंभों पर और ट्रांसफार्मरों पर लोड क्षमता से अधिक बढ़ जाता है जिसके कारण कई जगह इस तरह की घटनाएं होती हैं क्योंकि कई जगह ट्रांसफार्मरों पर बिजली के तारों का मकड़जाल बना रहता है जिस पर विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का कोई ध्यान नहीं जाता आखिरकार ऐसी घटनाओं का जिम्मेदार किसको माना जाए।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews