
Dabra News : ग्वालियर जिले में फर्जी तरीके से जमीनों की रजिस्ट्री होने के कई मामले सामने आते रहे हैं। जिस पर रजिस्टर विभाग पर कई तरह के सवाल भी खड़े होते हैं ऐसा ही एक मामला डबरा अनुभाग में देखने को मिला है। जहां पर फर्जी किसान खड़े कर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करवाने वाले गिरोह के मुख्य सरगना सहित दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जिसमें पकड़े गए गिरोह के सदस्यों में दलाल व फर्जी किसान शामिल है।
क्या है पूरा मामला
डबरा सिटी थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि पुलिस को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर धोखाधड़ी कर रजिस्ट्री होने के संबंध मे शिकायत मिली थी। दरअसल फरियादी इंद्रभान गुर्जर ने ग्राम कटोरा क्षेत्र में फर्जी तरीके से नकली किसान खड़ा कर अनुबंध पत्र तैयार कर के उससे रुपए ऐंठने तथा फर्जी रजिस्ट्री करवाने के संबंध में अपने साथ हुई धोखाधड़ी की रिपोर्ट थाना डबरा में की थी। जिसके चलते पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए एक टीम बनाई और निरंतर राजिस्ट्रार ऑफिस पर चल रही गतिविधियों पर नजर रखी। जिस पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री कराने वाले एक गिरोह को पुलिस ने धर दबोचा जिसमें आरोपियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया ग्राम कटोरा क्षेत्र की जमीन की रजिस्ट्री वास्तविक किसानों के स्थान पर पैसे देकर फर्जी किसानों को खड़ा कर नकली आधार कार्ड दिखाकर करीब 30 बीघा जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करवाना स्वीकार किया है। जिसमें 7 लोगों के खिलाफ नाम दर्ज एफआईआर हुई है जिनमें से तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसमें लोकेंद्र जाटव निवासी करोल गिजोर्रा, बंटी पुत्र किशन लाल जाटव निवासी गोंडा पिछोर, प्रीतम जाटव निवासी उभरासी चक गीजोर्रा, शामिल हैं वहीं थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने कहा इस तरह की शिकायतों पर पुलिस सक्रिय होकर काम करेगी और ऐसे फर्जी दलाल भूमाफियाओं पर निरंतर कार्रवाई होगी।
लेकिन बड़ी बात यह है कि इस तरह की फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री हो जाती हैं और लोगों के साथ इतनी बड़ी धोखाधड़ी हो जाती है ऐसे में रजिस्ट्रार कार्यालय में बैठे अधिकारी और बाबू सही से दस्तावेजों की जांच पड़ताल क्यों नहीं करते आखिरकार यह कहीं ना कहीं रजिस्ट्रार विभाग पर बड़े सबाल खड़े करता हैं कि इतने जिम्मेदारी वाले कार्य में आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो जाती है।
डबरा से अरुण रजक की रिपोर्ट
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