डबरा: वृद्धावस्था पेंशन हो गई बंद, चालू करवाने भटक रहे बुजुर्ग, नगर पालिका में बैठे जिम्मेदारों को नहीं कोई परवाह

दूर-दराज से भीषण गर्मी में बुजुर्ग अपनी रुकी हुई पेंशन शुरू करवाने की उम्मीद लेकर नगर पालिका कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन वहां पेंशन शाखा की कुर्सियां अक्सर खाली पड़ी रहती हैं।
Old Age Pension Senior Citizen

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मध्य प्रदेश सरकार बुजुर्गों के सम्मान की बात करती है लेकिन उसके मुलाजिम कितना सम्मान करते हैं ये मात्र 600 रुपये की वृद्धावस्था के लिए ऑफिस के बार बार चक्कर लगा रहे बुजुर्गों की कहानी बताती है, डबरा नगर पालिका की पेंशन शाखा में बुजुर्ग सरकार से मिलने वाली पेंशन के लिए आते हैं लेकिन या तो उन्हें ऑफिस में कोई मिलता नहीं हैं या फिर बाद में आना कहकर लौटा दिया जाता है।

एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ ने जब इन बुजुर्गों से बात की तो उन्होंने नगर पालिका डबरा की पेंशन शाखा की कहानी बताई, उम्रदराज महिला और पुरुष बाहर खुले में जमीन पर बैठे रहते हैं और स्टाफ अन्दर कुर्सियों पर पंखे के हवा में  बैठा रहता है, जब ये अपनी पेंशन बंद होने कारण जानना चाहते है तो कह दिया जाता है कि अभी कोई है नहीं कल आना।

बंद कर दी पेंशन, चालू कब होगी बताने वाला कोई नहीं 

बुजुर्गों का कहना है कि मात्र 600 रुपये पेंशन मिलती है उसके लिए भी कई कई बार चक्कर लगाना पड़ता है लेकिन कोई सुनता नहीं है, उन्हें ये तक नहीं पता कि पेंशन क्यों बंद की गई और अब शुरू क्यों नहीं की जारही, बुजुर्गों का कहना था कि कभी कह देते हैं कि साहब खाना खाने गए है तो कभी और कोई बहना बनाकर वापस लौटा देते हैं।

तपती धूप में घंटों इंतजार के बाद लौट जाते हैं वापस  

जिन्हें वरिष्ठ नागरिक कहकर सम्मानजनक भाव के साथ पुकारा जाता है इससे लोग तपती दोपहर में नगर पालिका डबरा की पेंशन शाखा के बाहर खुले में बैठते हैं और घंटों इन्तजार करने के बाद फिर कल आने के लिए अपने कागज समेटकर वापस लौट जाते हैं।इस पूरे मामले में पेंशन शाखा में बैठे जिम्मेदारों की लापरवाही स्पष्ट दिखाई देती है लेकिन सब मौन हैं वरिष्ठ अधिकारियों को कुछ दिखाई नहीं देता।

बुजुर्गों ने सरकार से की अपील 

गौरतलब  है कि मध्य प्रदेश सरकार बुजुर्गों के लिए कई योजनाएं चला रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर दिखा रही है। डबरा नगर पालिका की पेंशन शाखा में शासन के आदेशों का पालन होता नजर नहीं आ रहा।
पीड़ित बुजुर्गों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अपील की है कि उनकी समस्या पर संज्ञान लिया जाए और रुकी हुई पेंशन जल्द शुरू कराई जाए, ताकि उन्हें इस उम्र में दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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