कोरोना संकट: केंद्रीय मंत्री ने ली अफसरों की बैठक, बोले- आने वाले दिन और ज्यादा संकट भरे

कोरोना संकट: केंद्रीय मंत्री ने ली अफसरों की बैठक, बोले- आने वाले दिन और ज्यादा संकट भरे

दमोह।गणेश अग्रवाल।

पूरी दुनिया में छाये कोरोना संकट के मदद्दे नजर जहाँ देश में लाकडाउन है वहीँ अब केंद्र सरकार निचले स्तर पर भी तमाम सुविधाओं को लेकर सतर्क है। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री प्रहलाद पटेल ने अपने संसदीय क्षेत्र दमोह में जिले के कलेक्टर और एस पी के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की एक बैठक अपने बंगले पर बुलाई और जिले में चल रही स्वास्थ्य सेवाओं के साथ कोरोना से निपटने के उपायों की समीक्षा की।

मंत्री पटेल ने जिले के कलेक्टर और एस पी  को इस बात के लिए निर्देशित किया की जिले में पेरा मेडिकल  ट्रेनिंग जल्द से जल्द कराई जाये साथ ही लाकडाउन की स्थिति में पुलिस को रिलीव देने के लेने के लिए एन सी सी केडेट्स और दुसरे संसाधनों को भी ट्रेंड किया जाए। मंत्री पटेल के मुताबिक़ देश भर के कई राज्यों में मजदूरी के लिए जाने वाले लोगों की जिले में वापसी हो रही है जिसके बाद अब प्रशासन को सतर्क होने की जरुरत है और इन हालातों में ये सुनश्चित किया जाए की बाहरी राज्यों से जो लोग वापस अपने गावं लौटे है उनकी मॉनिटरिंग हो। इस बात को लेकर उन्होंने जनप्रतिनिधियों से लगातार समीक्षा करने के साथ स्वयं सेवी लोगों से वालेंटियर की भूमिका निभाने की भी की अपील की है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews