आजीविका मिशन में 20 लाख का गबन, अधिकारी, पत्नी और बैंककर्मियों समेत 15 पर FIR दर्ज

मध्य प्रदेश के दमोह में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सरकारी राशि में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। आरोप है कि जनपद पंचायत के एक अधिकारी ने स्वसहायता समूहों का करीब 20 लाख रुपये का फंड अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर करा लिया। इस मामले में अधिकारी, बैंककर्मियों और समूह पदाधिकारियों समेत 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
आजीविका मिशन में 20 लाख का गबन, अधिकारी, पत्नी और बैंककर्मियों समेत 15 पर FIR दर्ज

दमोह: मध्य प्रदेश के दमोह जिले में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में 20 लाख रुपये के सरकारी फंड के गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिला पंचायत की शिकायत पर जनपद पंचायत पटेरा के एक प्रभारी प्रबंधक, उसकी पत्नी, बैंक अधिकारियों और स्वसहायता समूहों के पदाधिकारियों समेत 15 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।

यह मामला स्वसहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दी जाने वाली सरकारी राशि के दुरुपयोग से जुड़ा है। आरोपियों पर आपराधिक विश्वासघात और शासकीय धन के गबन का आरोप है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ऐसे हुआ घोटाले का खुलासा

मामले का खुलासा तब हुआ जब जिला पंचायत दमोह में पदस्थ जिला परियोजना प्रबंधक शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, 16 अक्टूबर को प्रस्तुत एक जांच रिपोर्ट में पाया गया कि विकासखंड हटा के चार स्वसहायता समूहों के लोन खातों से राशि अवैध रूप से निकाली गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राम रनेह स्थित पारस, संत, जय मां काली और कंगना स्वसहायता समूहों के खातों से लगभग 20 लाख रुपये की राशि ग्राम मोहसरा (पटेरा) के केजीएन स्वसहायता समूह के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। यह पूरी प्रक्रिया नियमों के विरुद्ध थी।

पत्नी के खाते में ट्रांसफर हुई सरकारी रकम

जांच में यह बात भी सामने आई कि केजीएन स्वसहायता समूह के खाते में पैसा आते ही उसे जनपद पंचायत पटेरा के प्रभारी विकासखंड प्रबंधक नजीब अहमद खान की पत्नी शायका खान के व्यक्तिगत बैंक खाते में भेज दिया गया। इसके बाद यह रकम एक अज्ञात खाते में ट्रांसफर कर दी गई, जिससे गबन की पुष्टि हुई।

जिला पंचायत द्वारा गठित जांच समिति ने इस पूरे घोटाले की पुष्टि की। समिति में जिला परियोजना प्रबंधक शैलेन्द्र श्रीवास्तव के अलावा प्रभुशंकर पांडे और जितेन्द्र नेमा शामिल थे।

FIR में 15 लोग बनाए गए आरोपी

पुलिस ने प्रारंभिक जांच और जिला पंचायत की रिपोर्ट के आधार पर 15 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • नजीब अहमद खान (प्रभारी विकासखंड प्रबंधक, पटेरा)
  • शायका खान (नजीब की पत्नी)
  • संदीप सिंह (प्रभारी विकासखंड प्रबंधक, हटा)
  • विभिन्न स्वसहायता समूहों के अध्यक्ष और सचिव
  • भारतीय स्टेट बैंक शाखा पटेरा के तत्कालीन प्रबंधक
  • मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा रनेह के तत्कालीन प्रबंधक

इन सभी पर आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात), 409 (शासकीय सेवक द्वारा विश्वासघात) और 34 (सामूहिक अपराध) के तहत मामला दर्ज किया गया है। कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर आगे की जांच थाना रनेह को सौंप दी है।

दमोह से दिनेश अग्रवाल की रिपोर्ट

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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