LPG की किल्लत, कालाबाजारी, जमाखोरी की ख़बरों पर प्रदेश सरकार ने सख्ती के निर्देश दिए हैं, शासन ने जिला कलेक्टरों को इस पर पैनी नजर रखने और इस सम्बन्ध में आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेने और त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं इसी कड़ी में दमोह जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है जिसके बाद से गैस एजेंसियों और LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी करने वालों में हडकंप मचा हुआ है।
दमोह में कलेक्टर के निर्देश पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई, कुल 21 टीमों ने जिले में संचालित गैस 20 एजेंसियों और एक निजी व्यक्ति के यहाँ छापा मारा, टीमों को 15 एजेंसियों के यहाँ गड़बड़ियाँ मिलीं, यहाँ एलपीजी सिलेंडरों के रिकॉर्ड में अंतर सामने आया।
21 टीमों ने एक साथ की छापामारी
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कल उन्हें एक शिकायत मिली थी जिसमें समय पर सिलेंडर नहीं मिलने और ज्यादा कीमत पर सिलेंडर देने की शिकायतें थी जिसके बाद उन्होंने गैस एजेंसियों पर एक साथ छापामार कार्रवाई की प्लानिंग की और 21 टीमों को अलग अलग एजेंसियों पर एक ही समय छापा मारने भेजा।
15 गैस एजेंसियों में 2138 एलपीजी गैस सिलेंडर के रिकॉर्ड में गड़बड़ी
प्रशासन की टीमों ने एजेंसियों की जांच पड़ताल की तो कलेक्टर को मिली जानकारी सही साबित हुई और गड़बड़ियाँ सामने आई, 15 गैस एजेंसियों में 2138 एलपीजी गैस सिलेंडर कहीं कम पाए और कहीं अधिक पाए गए, इन एजेंसियों का स्टॉक रजिस्टर भी गलत पाया गया।
निजी व्यक्ति के पास मिली 23 गैस कनेक्शन पासबुक
कलेक्टर ने बताया कि एक प्राइवेट व्यक्ति के यहाँ भी छापा मारा गया उसके पास से 23 गैस पासबुक मिलीं जिसमें से 22 उज्ज्वला कनेक्शन और एक सामान्य घरेलू गैस कनेक्शन शामिल था, कलेक्टर के मुताबिक इन एजेंसियों के संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी और कानून के हिसाब से एक्शन लिया जायेगा।






