मध्यप्रदेश के दमोह जिले से एक बेहद भावुक और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां 9 साल के एक मासूम छात्र की मौत के बाद परिवार में गुस्सा और दुख दोनों देखने को मिले। परिजन रातभर बच्चे का शव लेकर एसपी ऑफिस के बाहर बैठे रहे और स्कूल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की मांग करते रहे।
दरअसल, मृतक छात्र काव्य नामदेव तेंदूखेड़ा के एक निजी स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ता था। परिवार का आरोप है कि स्कूल में टीचर द्वारा की गई पिटाई के बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और आखिरकार इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
किताब भूलने पर टीचर ने की थी पिटाई
परिजनों के मुताबिक 19 फरवरी 2026 को काव्य स्कूल गया था, लेकिन वह अपनी किताब घर पर भूल गया था। इसी बात पर टीचर ने उसकी पिटाई कर दी।
दरअसल, परिवार का कहना है कि उसी दिन से काव्य की तबीयत खराब रहने लगी। पहले उसका इलाज तेंदूखेड़ा के सिविल अस्पताल में कराया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर उसे भोपाल के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
भोपाल एम्स में चल रहा था इलाज
काव्य की हालत लगातार बिगड़ती गई। बाद में उसे भोपाल एम्स ले जाया गया, जहां वह वेंटिलेटर पर भर्ती था। इलाज के दौरान बीती रात उसकी मौत हो गई।
दरअसल, बच्चे की मौत के बाद परिजन सीधे दमोह एसपी ऑफिस पहुंच गए। रातभर शव लेकर बैठे परिवार ने स्कूल प्रबंधन और संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
परिवार का आरोप है कि उन्होंने पहले भी पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन उनकी बात गंभीरता से नहीं सुनी गई। परिजनों का कहना है कि जैसी रिपोर्ट वे लिखवाना चाहते थे, वैसी FIR दर्ज नहीं की गई। दरअसल, मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाइश दी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। इसके बाद परिवार शव लेकर वहां से रवाना हुआ।






