फर्जी MBBS डॉक्टर भर्ती मामले में गिरोह का सरगना और NHM कर्मचारी गिरफ्तार, पूछताछ में कई और नामों के खुलासे

NHM भोपाल से गिरफ्तार आई टी असिस्टेंट आदिल सिद्धिकी ने बताया कि एनएचएम में भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेजों की जांच तक नहीं होती और न ही इंटरव्यू होते है और ऐसे ही फर्जीवाड़ा चलता है।
NHM fake MBBS doctor recruitment case

NHM fake MBBS doctor recruitment case

एमपी के बड़े फर्जीवाड़े की तरफ इशारा कर रहे नेशनल हेल्थ मिशन एनएचएम (NHM)  के द्वारा संचालित की जा रही संजीवनी क्लीनिक में फर्जी एमबीबीएस डाक्टर्स की भर्ती मामले में दमोह में बड़ी कार्यवाही हुई इसमें तीन फर्जी डाक्टर गिरफ्तार किए गए और दमोह पुलिस ने इस गैंग के दो सरगना हीरा कौशल और आदिल सिद्धिकी को गिरफ्तार किया है। हीरा इस फर्जीवाड़े का मुख्य सरगना है जो फर्जी एमबीबीएस की डिग्रियां लाखों कीमत लेकर लोगों को मुहैया कराता था तो दूसरा सरगना आदिल सिद्धिक है जो भोपाल स्थित एनएचएम के दफ्तर में आईटी असिस्टेंट है जिसके पास से होकर ही सारी नियुक्ति प्रक्रिया गुजरती थी।

इन दोनों ने दमोह पुलिस को बड़ा इनपुट दिया है जिसके हिसाब से पूरे प्रदेश में फर्जी डॉक्टर्स की नियुक्तियां हुई और ये फर्जी डाक्टर प्रदेश के अलग अलग जिलों में संजीवनी क्लीनिक्स में काम कर रहे हैं। इस खुलासे के बाद पहली दफा आरोपी आदिल सिद्धिकी कैमरे के सामने आया जिसने अपने साथ पकड़े गए आरोपी हीरा कौशल और तीनों फर्जी डॉक्टर्स को पहचानने से इंकार कर दिया और उसने साफ कहा कि वो इन लोगों को पहचानता तक नहीं है।

आरोपी ने बताई MBBS डॉक्टर नियुक्ति फर्जीवाड़े की पूरी कहानी 

आदिल ने बताया कि एनएचएम में भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेजों की जांच तक नहीं होती और न ही इंटरव्यू होते है और ऐसे ही फर्जीवाड़ा चलता है। इस आरोपी का ये छोटा सा बयान बहुत कुछ कह रहा है और ये साफ कर रहा है कि इस विभाग में किस स्तर पर फर्जीवाड़ा हो रहा है और बिना असली डिग्री वाले फर्जी डॉक्टर्स लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे है।

एक सरगना एक्सरे क्लीनिक संचालक, दूसरा NHM में आई टी असिस्टेंट

पुलिस ने इन दो सरगनाओं हीरा और आदिल से लग्जरी कारें जब्त की है, भोपाल में एक्सरे क्लीनिक चलाने वाले हीरा कौशल से दो कारें जब्त हुई है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये शख्स कितना रसूख रखता है जबकि साधारण एक्सरे क्लीनिक संचालक के पास दो दो लग्जरी कारें है जबकि दूसरा आरोपी आदिल सिद्धिकी NHM भोपाल मुख्यालय में महज आई टी असिस्टेंट है लेकिन महंगी कार मेंटेन करता है। पुलिस ने हीरा से पांच लाख 36 हजार 9 सौ रूपये कैश भी जब्त किए है साथ ही कुछ ऐसे दस्तावेज भी पुलिस के हांथ लगे है जो आने वाले दिनों में बड़ा खुलासा करेंगे।

पूछताछ में कई नामों के खुलासे और होंगी गिरफ्तारियां 

इस मामले की जांच कर रहे कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार के मुताबिक तीनों फर्जी डॉक्टर्स और इन दोनों आरोपी हीरा और आदिल से कई बड़ी जानकारियां मिली है जिस पर उनकी टीम काम कर रही है और ये मामला केवल दमोह तक सीमित न रहकर प्रदेश व्यापी बनेगा। मामला बड़ा है लिहाजा पुलिस के आला अफसर खुद इसकी मानिटरिंग कर रहे है।

आरोपियों से मिली महंगी कारें पुलिस ने की जब्त 

एडिशनल एसपी सुजीत भदौरिया के मुताबिक फिलहाल आरोपियों की कारें और कैश जब्त किया गया है जबकि पुलिस ये जानकारी जमा कर रही है कि इन लोगों ने इस फर्जीवाड़े से कमाये पैसों का इन्वेस्टमेंट कहां कहां किया है और वो भी जब्त होगा। फिलहाल तीनों डॉक्टर्स के साथ इन दोनों आरोपियों की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेजा गया है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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