टूट रहा किसानों का धैर्य, नहीं मिल रही खाद, भूखे प्यासे कर रहे अपनी बारी का इंतजार, पुलिस कर रही डंडे से वार

किसानों का आरोप है कि समितियों के साथ ही निजी दुकानदारों को भी खाद वितरित की गई है। किसानों ने कहा कि तीन गुना महंगे दाम पर खाद बेचीं जा रही है।
Shortage of fertilizers

सरकार का दावा है कि मध्य प्रदेश में खाद की कमी नहीं है, सभी जिलों को उनकी मांग के अनुसार खाद पहुंचाया जा रहा है और वितरण की जिम्मेदारी कलेक्टर्स को दी गई है, उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि किसान को बिना परेशानी के खाद मिलना चाहिए लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिलकुल उलट है, किसान को खाद के बदले पुलिस के डंडे मिल रहे हैं।

मध्य प्रदेश के अलग अलग जिलों से खाद वितरण केंद्रों के बाहर से जो तस्वीरें आ रही हैं वो हैरान और परेशान करने वाली हैं, सरकार का दावा है कि उसके पास पर्याप्त खाद है, डीएपी हो या यूरिया या फिर अन्य कोई वैकल्पिक खाद किसानों को दी जा रही है, लेकिन ये दावे कितने सही है ये दमोह और रीवा के खाद वितरण केंद्रों से आई तस्वीरें बता रही हैं, किसान सुबह से भूखा प्यासा अपनी बारी के इन्तजार में लाइन में लगा है उसे खाद नहीं दी जा रही बल्कि पुलिस उसे डंडे मारकर भगा रही है।

नहीं मिल रही खाद, किसान को आ रहा गुस्सा 

खाद को लेकर परेशान दमोह जिले का किसान आक्रोशित है। एक बार फिर किसानों का गुस्सा देखने को मिला जब जिला मुख्यालय पर किसानों ने हंगामा किया। प्रशासन से एमपी स्टेट एग्रो के जरिये खाद वितरण की व्यवस्था बनाई है और स्टेशन चौराहे पर स्टेट एग्रो के सेंटर पर अलसुबह से किसानों की भीड़ देखने को मिली, किसान अपनी बारी का इंतज़ार कर रहे थे।

खाद वितरण केंद्र का शटर उचकाकर घुसे किसान  

किसानों के सब्र का बांध उस समय टूट गया जब उन्हें खाद मिलने में परेशानी दिखाई देने लगी तो उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। किसान एग्रो के गोदाम का शटर खोलते हुए उसके अंदर घुस गए। स्टेट एग्रो के अधिकारियों ने पुलिस बुलाई तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ, इस दौरान कुछ बोरी खाद गायब होने की भी खबर है। वहीं इस मामले में कलेक्टर सुधीर कोचर का कहना है कि जिले में खाद की कमी नही है किसान धैर्य बनाये और असमाजिक तत्वों के बहकावे में ना आये।

खाद की रैक आने की सूचना पर पहुंची भारी भीड़   

वहीं रीवा में भी किसानों का हंगामा देखने को मिला, जिले का किसान खाद की आस लगाये बैठा था उसे जब खबर मिली कि खाद का रैक आया है तो वो खाद वितरण केंद्र के बाहर लाइन लगाकर बैठ गए, भीड़ बढ़ती देख प्रशासन ने पुलिस को बुला लिया,  मंडी में स्थित खाद वितरण केंद्र के बाहर जब कई घंटों तक भूखे प्यासे बैठे किसानों को खाद नहीं मिलती दिखाई दी तो वे शोर करने लगे हंगामा करने लगे।

किसानों का हंगामा, पुलिस ने किया लाठीचार्ज 

वितरण केंद्र के अधिकारियों से जब किसानों ने सवाल किया कि 10-15 दिन से खाद का इंतजार कर रहे हैं खाद कब मिलेगी या मिलेगी भी कि नहीं ? इस पर अधिकारी जब टालमटोल करने लगे तो किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया उन्होंने खाद वितरण केंद्र के अन्दर घुसने का प्रयास  किया तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया इस दौरान किसानों की पुलिस से झूमा झटकी होने लगी, हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया और किसानों को डंडे की दम पर खदेड़ दिया।

प्रशासन का दावा सभी किसानों को मिलेगी खाद 

परेशान किसानों का कहना है वे दिन रात लाइन में लगे हुए हैं लेकिन यह गारंटी नहीं है कि पूरा दिन बीतने के बाद भी उन्हें खाद मिल पाएगी। हालाँकि नायब तहसीलदार यतीश शुक्ला का कहना है कि अभी 80 टन खाद का स्टॉक है। खाद वितरण के लिए 3 काउंटर बनाए गए है। तीनों काउंटर से खाद दी जा रही है। किसानों को रकवे के हिसाब से खाद वितरित की जा रही है लेकिन किसानों को लग रहा है की खाद ख़त्म जाएगी इसलिए एक साथ ज्यादा संख्या में किसान वितरण केंद्र में आ रहे हैं।

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दमोह से दिनेश अग्रवाल के साथ ब्यूरो रिपोर्ट रीवा 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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