थाने में जब्ती के वाहनों से सामान चोरी का वीडियो वायरल, पुलिस बचाव की मुद्रा में

थाने में जब्ती के वाहनों से सामान चोरी का वीडियो वायरल, पुलिस बचाव की मुद्रा में

दमोह, गणेश अग्रवाल

दमोह जिले के तारादेही थाना अंतर्गत जब्ती के वाहनों से सामान चोरी होने का एक वीडियो वायरल हुआ है। यह वीडियो वायरल होने के बाद जहां लोग पुलिस थाने में ही रखे वाहनों से हो रही चोरी पर सवाल खड़े कर रहे हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि इस मामले पर जांच कराई जाएगी।

तारादेही थाना अंतर्गत थाने के अंदर ही रखें जब्ती के वाहनों से सामान की चोरी होने का एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वायरल वीडियो में एक व्यक्ति थाने में रखें वाहनों से सामान निकाल कर चोरी कर रहा है। यह वीडियो किसी व्यक्ति द्वारा बनाया गया और फिर उसे वायरल किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने के बाद अब यह वीडियो तारादेही थाना में इस तरह की चोरी के मामले को उजागर कर रहा है। इस मामले पर जब हमने एडिशनल एसपी से बात की तो उनका कहना था कि तारादेही थाना का जो वीडियो वायरल हुआ है उसके संबंध में उन्होंने थाना प्रभारी से बात की है, उनका कहना है कि वाहनों के कई महीनों से खड़े होने के कारण दिक्कत हो रही है इस कारण से उनकी नीचे पत्थर आदि लगाए जा रहे हैं। वहीं वायरल वीडियो में चोरी की बात सामने आने पर एडिशनल एसपी का यह भी कहना था कि इस मामले पर एसडीओपी से जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही कार्रवाई होगी कुल मिलाकर थाने के भीतर रखे वाहनों से हो रही चोरी के मामले में पुलिस अपना बचाव कर रही है, तो जांच की बात कह कर कार्यवाही की बात भी कही जा रही है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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