उपचुनाव में ‘आप’ भी ठोक रही ताल, यहां हो सकता है सबसे कम उम्र का प्रत्याशी

उपचुनाव में ‘आप’ भी ठोक रही ताल, यहां हो सकता है सबसे कम उम्र का प्रत्याशी

बागली/देवास| सोमेश उपाध्याय| देवास जिले (Dewas District) की हाटपिपल्या विधानसभा में होने वाले उपचुनाव (By-Election) की सुगबुगाहट के साथ ही राजनीतिक चर्चाए जोरो पर है। क्षेत्र में रोज नए नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे है| इसी तारतम्य मे आम आदमी पार्टी ने भी ताल ठोक दी है। आप अपना प्रत्याशी जल्द ही घोषित करने वाली है| होने वाले उपचुनाव में विधानसभा से आम आदमी पार्टी (Aam Admi Party) से मनोज कंठाली और विजय सिंह जाट संभावित उम्मीदवार माने जा रहे हैं| जिसमें पार्टी हाईकमान अपना निर्णय लेकर दोनों में से किसी एक उम्मीदवार को अपना प्रत्याशी घोषित कर सकती है इस बार होने वाले घमासान चुनाव में आप अपनी पूरी तैयारी के साथ हाटपीपल्या में उतरेगी।

सबसे युवा एवं कम उम्र के दावेदार
मनोज कंठाली एल एल बी शिक्षा ग्रहण करने वाले सबसे कम उम्र के युवा प्रत्याशी हो सकते हैं इस उम्र में काफी चर्चा में है| कंठाली की उम्र महज 26 वर्ष है और वे अपने आप को आप का भावी प्रत्याशी बताते है। पाटीदार समाज से आने वाली कंठाली की समाज का बड़ा वोट बैंक बैंक विधानसभा में निवासरत है!

इसी तरह दुसरे संभावित उम्मीदवार में विजय सिंह जाट राऊ विधानसभा से पुर्व मंत्री जीतू पटवारी के सामने विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं ओर अब वह अब हाटपीपल्या के संभावित उम्मीदवार माने जा रहे हैं| याद रहे आम आदमी पार्टी ने 2018 के विधान सभा चुनाव में भी अपना उम्मीदवार उतारा था व अब उपचुनाव में दमदारी के साथ मैदान में रहेगी|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews