शादी के कुछ घंटे बाद ही फरार हुई दुल्हन, पति को सोता छोड़ भागी, देवास में पूरा गैंग गिरफ्तार

देवास में शादी के नाम पर कथित ठगी का अनोखा मामला सामने आया है। मंदिर में सात फेरे लेने के बाद महिला कुछ दिनों तक ससुराल में रही और फिर रात में फरार हो गई। पुलिस ने जांच के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
शादी के कुछ घंटे बाद ही फरार हुई दुल्हन, पति को सोता छोड़ भागी, देवास में पूरा गैंग गिरफ्तार

देवास में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। एक युवक ने पूरे रीति-रिवाज के साथ मंदिर में शादी की। परिवार ने नई बहू का स्वागत किया और उसे अपने घर ले आए।

लेकिन कुछ ही दिनों बाद कहानी अचानक बदल गई। आरोप है कि शादी करने वाली महिला रात के समय अपने पति और परिवार को चकमा देकर घर से फरार हो गई।

देवास में लुटेरी दुल्हन का मामला कैसे सामने आया?

मध्य प्रदेश के देवास जिले में बैंक नोट प्रेस यानी BNP थाना पुलिस के सामने शादी के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत पहुंची थी। पीड़ित युवक और उसके परिवार ने पुलिस को बताया कि उनके साथ शादी कराने के नाम पर कथित रूप से लाखों रुपये की ठगी की गई।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिला ने खुद को शादी के लिए तैयार युवती के रूप में पेश किया, जबकि उसके साथ मौजूद अन्य लोगों ने उसके रिश्तेदारों की भूमिका निभाई। परिवार का भरोसा जीतने के लिए किसी ने मां का किरदार निभाया तो किसी ने बहन और जीजा बनने का नाटक किया।

शादी की बातचीत शुरू होने के बाद धीरे-धीरे रस्मों और अलग-अलग खर्चों के नाम पर युवक के परिवार से पैसे लिए गए। परिवार को शुरुआत में किसी तरह का शक नहीं हुआ क्योंकि सामने मौजूद सभी लोग एक परिवार की तरह व्यवहार कर रहे थे।

बनाया नकली रिश्तेदारों का पूरा परिवार

पुलिस के अनुसार, इस कथित गिरोह की सरगना नंदिनी मेहरा उर्फ रोशनी बताई जा रही है, जो धार जिले की रहने वाली है। उसके साथ शकुनबाई, रवि जरिया और सोनिया केवट भी शामिल थे।

जांच में पुलिस को जानकारी मिली कि गिरोह के सदस्यों ने युवक के परिवार को भरोसे में लेने के लिए अलग-अलग रिश्ते निभाए। आरोप है कि शकुनबाई महिला की मां बनकर सामने आई, जबकि रवि जरिया ने जीजा की भूमिका निभाई। वहीं सोनिया केवट को उसकी बहन के रूप में पेश किया गया।

तिलक से लेकर शादी तक 1.81 लाख रुपये लेने का आरोप

इस मामले में सबसे अहम बात पैसों के लेन-देन से जुड़ी है। पुलिस के अनुसार, शादी की बातचीत शुरू होने के बाद अलग-अलग मौकों पर युवक के परिवार से रकम ली गई।

बताया गया कि तिलक समारोह के दौरान 21 हजार रुपये दिए गए थे। इसके बाद अलग-अलग समय पर 1 लाख रुपये, 10 हजार रुपये और 50 हजार रुपये लिए गए। इस तरह कुल रकम 1 लाख 81 हजार रुपये तक पहुंच गई।

परिवार ने शादी की प्रक्रिया का हिस्सा मानते हुए यह रकम दी। लेकिन बाद में जब दुल्हन घर से चली गई और उसके साथ मौजूद कथित रिश्तेदारों की भूमिका पर शक हुआ, तब परिवार को ठगी की आशंका हुई।

3 जुलाई को मंदिर में हुई शादी

पुलिस के अनुसार, युवक और नंदिनी की शादी 3 जुलाई को धामनोद के एक मंदिर में हुई थी। शादी सामान्य रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुई और दोनों ने मंदिर में सात फेरे लिए।

शादी के बाद महिला अपने पति के साथ देवास स्थित ससुराल पहुंची। परिवार ने उसे नई बहू के रूप में घर में रखा। शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखाई दिया।

बताया गया कि महिला करीब दो दिनों तक ससुराल में रही। इसके बाद अचानक वह घर से चली गई। परिवार को उस समय तक शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि शादी के पीछे किसी कथित साजिश या ठगी की संभावना हो सकती है।

पति के सोते समय रात में घर से फरार होने का आरोप

मामले में एक बड़ा मोड़ उस समय आया, जब आरोप है कि 7 अगस्त की रात महिला अपने पति को सोता छोड़कर चुपचाप घर से निकल गई। सुबह या बाद में जब परिवार को उसके घर पर नहीं होने की जानकारी मिली तो उसकी तलाश शुरू की गई। आसपास और परिचितों से पूछताछ की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।

परिवार के लोगों ने काफी तलाश के बाद पुलिस की मदद लेने का फैसला किया। इसके बाद देवास के बैंक नोट प्रेस थाना क्षेत्र में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ी तो शादी के समय महिला के साथ मौजूद लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की पड़ताल की गई।

पुलिस जांच में सामने आई नकली रिश्तेदारों की कहानी

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि शादी के समय महिला के साथ आए लोग उसके असली रिश्तेदार नहीं थे, बल्कि अलग-अलग रिश्तों का अभिनय कर रहे थे। शकुनबाई को महिला की मां बताया गया था। रवि जरिया को उसका जीजा और सोनिया केवट को बहन के रूप में पेश किया गया था।

पुलिस का आरोप है कि सभी लोगों ने मिलकर युवक और उसके परिवार को भरोसे में लेने की योजना बनाई। एक परिवार की तरह शादी की बातचीत की गई और रस्मों में हिस्सा लिया गया।

चार आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

मामले की जांच के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें जेल भेज दिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में कथित तौर पर नंदिनी मेहरा उर्फ रोशनी के साथ शकुनबाई, रवि जरिया और सोनिया केवट शामिल हैं। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह पहले भी इसी तरह शादी के नाम पर किसी अन्य व्यक्ति या परिवार को अपना शिकार बना चुका है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
Follow Us :GoogleNews