पुलिस को चुनौती, चोरों ने जेल परिसर को बनाया निशाना, कर्मचारियों के सरकारी आवासों में की चोरी

चोरों ने देवास जिला जेल परिसर स्थित चार सरकारी आवासों को निशाना बनाया, एक साथ चार घरों के ताले टूटने के बाद अन्य कर्मचारियों में डर का माहौल है वे जेल प्रबंधन से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
Dewas District Jail

प्रदेश में बदमाशों के हौसले बहुत बुलंद है कि वो आम आदमी पर तो रहम नहीं खाते सरकारी परिसरों को भी निशाना बनाने से नहीं चूकते, दरअसल ये मामला देवास जिला जेल से जुड़ा है जहाँ चोरों ने जेल परिसर में बने सरकारी कर्मचारियों के आवासों को निशाना बनाया और चोरी कर फरार हो गए।

जानकारी के मुताबिक देवास जिला जेल परिसर में बने कर्मचारियों के चार सरकारी आवासों को बीती रात चोरों ने निशाना बनाया, उन्होंने घर में रखा सोना चांदी और अन्य कीमती सामान समेटा और फरार हो गए, घटना की जानकारी आज सुबह पता लगी जब पड़ोसियों ने ताले टूटे देखे। जेल प्रबंधन को सूचित किया गया फिर नाहर दरवाजा थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

पुलिस कर रही घटना की जाँच 

नाहर दरवाजा पुलिस थाना प्रभारी मंजू यादव ने बताया जिला जेल परिसर में पीछे की ओर कर्मचारियों के शासकीय आवास बने हुए हैं। यहीं पर मंगलवार रात चोरों ने वारदात की। हमने फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट, डॉग स्क्वाड को भेजा है। पूरी जाँच और फरियादी के विस्तृत बयान के बाद चोरी हुए सामान का पता चल सकेगा।

चार घरों को बनाया निशाना   

उधर जिला जेल प्रबंधन के अनुसार परिसर में चार कर्मचारियों के आवास के ताले टूटे मिले हैं। कुछ कर्मचारी छुट्टी पर बाहर गए हैं,  एक कर्मचारी के यहां से नकदी, सोने-चांदी के जेवर चोरी होने का पता चला है,  उसने शिकायत दर्ज कराई है अन्य घरों से क्या चोरी हुआ अभी यह स्पष्ट नहीं है, ये उनके लौटने पर ही मालूम चल सकेगा, उनको सूचना दे दी गई है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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