निजी बस में अवैध रूप से ले जायी जा रही थी सवारियांं, 2500 रूपये किराया वसूला

निजी बस में अवैध रूप से ले जायी जा रही थी सवारियांं, 2500 रूपये किराया वसूला

धार/मोहम्मद अंसार

लाकडॉउन के दौरान जहाँ पर लोग फंसे हुए हैं सरकार उन्हें वहां से निकालने का प्रयास कर रही हैं। लेकिन एक निजी बस संचालक द्वारा अवैध रूप से सवारियां ठूंसकर झाबुआ से रीवा ले जाया जा रहा था। बसोंं की छत पर बैठने का किराया 300 से 500 रूपये और बसों के अंदर बैठने के 2500 तक किराये के रूप में वसूले जा रहे थे। इसी के साथ खुलेआम सोशल डिस्ट्रेसिंग का उल्लंघन भी हो रहा था।

निजी ठाकुर बस झाबुआ से सवारियों को बिठाकर, पिथमपुर उद्योग क्षेत्र में फंसे मजदूरों को बिठाकर रीवा पहुंचा चुकी थी। इसके बाद कुछ मजदूर ने पीथमपुर पुलिस को लिखित में शिकायत दी। शिकायत मिलने पर पुलिस ने बस मालिक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। इसी के साथ ठाकुर बस सवारी भर रही रही थी तभी मुखबिर की सूचना परपुलिस ने उन्हें धर दबोचा और सवारियों को उतारा गया। बस के कंडक्टर और ड्राइवर को गिरफ्तार कर बस जब्त की है और मालिक के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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