जिले के नगर परिषद शहपुरा ने बुलाई नगर सभा, शिकायतों का किया निराकरण

जिले के नगर परिषद शहपुरा ने बुलाई नगर सभा, शिकायतों का किया निराकरण

डिंडौरी।प्रकाश मिश्रा। जिले के नगर परिषद शहपुरा की सराहनीय पहल का आम नागरिकों ने स्वागत किया है। नगर परिषद शहपुरा ने पहली बार नगर सभा का आयोजन किया। जिसमें शहपुरा विधायक, नगर परिषद के अधिकारी, कर्मचारी, पार्षद,समाजसेवी सहित भारी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। बताया गया कि नगर सभा आयोजन का मुख्य उद्देश्य नगर परिषद शहपुरा के द्वारा कराए गए निर्माण कार्यो की जानकारी देना और आम नागरिकों की शिकायतों का निराकरण तथा सुझाव के अनुसार शिकायत का निराकरण करना है।

नगर परिषद के द्वारा लगभग 20 करोड़ के निर्माण कार्य नगर विकास के लिए कराए गए। साथ ही निकाय की आय से एक शव वाहन और एक एम्बुलेंस क्रय की गई है, जो शहपुरा नगर के लिये बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। नगर सभा में अनेक शिकायतकर्ताओं की शिकायतों का निराकरण किया गया। साथ ही नगर के समाजसेवियों के द्वारा नगर के विकास के लिए सुझाव भी दिए गए। इस प्रकार का आयोजन जिले में पहली बार किया गया। जहां सीधे नगर वासियों को ऐसा मंच मिला जिसमें उन्होंने खुल कर शिकायतें की और समस्या बताई। नगर परिषद प्रशासन की ओर से बुलाई गई नगर सभा की सबने प्रशंसा की। लोगों का कहना है कि इस तरह की पारदर्शिता यदि सभी जिम्मेदार नगरीय निकायों में रखे तो आम जनता सीधे तौर पर अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रख सकेंगे और तत्काल निराकरण से सीधा लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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