डिंडौरी: ज्यादा कीमतों पर बेच रहा था सेनेटाइजर, मेडिकल स्टोर सील

डिंडौरी: ज्यादा कीमतों पर बेच रहा था सेनेटाइजर, मेडिकल स्टोर सील

डिंडौरी।

जिले में कोरोना वायरस से होने वाले संक्रमण को रोकने के लिए हेंड सेनेटाइजर और मास्क को जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत इनके विक्रय मूल्य निर्धारित कर दिये गये हैं। लॉक डाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति हेतु कुछ निर्धारित दुकानों को दुकान संचालन की अनुमति प्रदान की गई है। ऐसे समय में दुकानदारों द्वारा मुनाफाखोरी के चक्कर में ग्राहकों को अधिक कीमत पर सामान बेचकर ठगा जा रहा है। ऐसा ही एक मामला जिला मुख्यालय के पुरानी डिण्डोरी में संचालित मेडिकल स्टोर का सामने आया जहां गौतम मेडिकल स्टोर में सेनेटाइजर को निर्धारित कीमत से अधिक में बेचे जाने की शिकायत मिली।

मामले पर कार्रवाई करते हुए डिण्डोरी तहसीलदार बिसन सिंह ठाकुर बजाग नायब तहसीलदार चंद्रशेखर मिश्रा खाद्य निरीक्षक इंद्रजीत सिंह की संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए मेडिकल स्टोर संचालक को निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर सैनिटाइजर बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ा। कार्यवाही करने के पहले टीम ने एक युवक को ग्राहक बना कर भेजा उसके बाद तस्दीक होने पर टीम के साथ छापामार कार्यवाही कर अधिक कीमत पर बेचे जा रहे सेनेटाइजर को जप्त करते हुए पंचनामा बनाकर मेडिकल स्टोर को सील कर दिया। बताया गया कि दुकानदार के पास मेडिकल स्टोर संचालन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और सेनेटाइजर के पक्के बिल नहीं मिले जिस पर आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित विभिन धाराओं के तहत मेडिकल संचालक पर कार्यवाही की गई।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews