नियमों का पालन कराने सड़क पर उतरे एसडीएम, मास्क ना पहनने वालों का काटा चालान

नियमों का पालन कराने सड़क पर उतरे एसडीएम, मास्क ना पहनने वालों का काटा चालान

डिंडोरी| प्रकाश मिश्रा| कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जिला प्रशासन के द्वारा पूरे जिले में कंप्लीट लॉकडाउन घोषित किया गया है| इस बीच लॉकडाउन का पालन कराने के लिए डिंडोरी एसडीएम महेश मंडलोई भी सड़क पर उतर आए । लॉकडाउन के दौरान मास्क पहनकर ना आने वालों पर चालानी कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में नगर परिषद डिंडोरी सीएमओ शशांक आर्मो एवं स्टाफ तथा डिंडोरी कोतवाली प्रभारी सीके सिरामें सहित पुलिस बल मौजूद रहा।

जुर्माने की रसीद देने के साथ मास्क भी किया वितरित
चालानी कार्रवाई के दौरान जहां मास्क ना पहनने वालों पर ₹100 का जुर्माना लगाया गया वही मास्क का वितरण कर उन्हें आने वाले समय में नियमों का पालन करने की हिदायत भी दी गई।

पुलिस पत्रकार और वकीलों पर भी चालानी कार्यवाही
लॉकडाउन के पहले दिन रानी अवंती बाई चौक में जहां कोतवाली पुलिस ने आम लोगों के चालान काटे वही पत्रकार और पुलिसकर्मी पर भी चालानी कार्रवाई कर मास्क ना पहनने पर ₹100 का जुर्माना लगाया गया। चेकिंग के दौरान बिना मास्क मिले अधिवक्ता एवं व्यापारियों पर भी चलानी कार्यवाही की गई।

अलग-अलग स्थानों पर लगाया चेकप्वाइंट
जिला मुख्यालय में रविवार को एस डी एम महेश मंडलोई ने शहर के कई तिराहो और चौराहों पर खड़े होकर आम लोगों को समझाइश देते नजर आए।पुरानी डिंडोरी चौराहा,भारत माता चौक,मुख्य बस स्टैंड, कालेज तिराहा तथा पेट्रोल पंपों में भी मास्क न लगाने वालों से जुर्माना वसूला गया।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews