90s की इस फिल्म में मेकर्स ने लगाए थे करोड़ों रुपए, रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर हुई फ्लॉप

बॉलीवुड फिल्म मेकर्स दर्शकों के लिए एक से बढ़कर एक फिल्मों का निर्माण करते हैं। इन्हें बनाने में करोड़ों रुपया खर्च किया जाता है। आज हम आपको 90s की सबसे महंगी फिल्म के बारे में बताते हैं जो फ्लॉप साबित हुई थी।
Amitabh bachchan

Film Ajooba

बॉलीवुड इंडस्ट्री आज से नहीं बल्कि दशकों से दर्शकों का मनोरंजन करती चली आ रही है। इसमें फैंस के एंटरटेनमेंट के लिए लगभग हर जॉनर की एक से बढ़कर एक फिल्मों का निर्माण होता है। बात चाहें कॉमेडी की करें या फिर एक्शन और रोमांस की बॉलीवुड फिल्मों में आपको हर तरह का मसाला देखने को मिल जाएगा। यहां सस्ती से सस्ती और महंगी से महंगी फिल्मों का निर्माण भी हुआ है।

90s एक ऐसा दौर था जब बॉलीवुड ने देश के साथ दुनिया भर में अपने पैर पसारना शुरू किए थे। इस दौरान जो एक्टर्स आए उन्होंने अपनी कमाल की एक्टिंग से दर्शकों के दिल में खास जगह हासिल कर ली। आज हम आपको इस समय की एक ऐसी फिल्म के बारे में बताते हैं जो भारी भरकम बजट में तैयार हुई थी। इसे बनाने के लिए मेकर्स ने पानी की तरह पैसा बढ़ाया लेकिन रिलीज होने के बाद ये औंधे मुंह गिर गई।

35 साल पहले आई थी अजूबा (Ajooba)

आज से लगभग 35 साल पहले बॉक्स ऑफिस पर इंडस्ट्री के महानायक अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘अजूबा’ रिलीज की गई थी। इस फिल्म में एक्टर ने सुपर हीरो अजूबा का किरदार निभाया था जो लोगों की जान बचाता है और जुल्म करने वालों को खत्म करता है। 1990 में आई इस कहानी को बनाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए गए थे। अमिताभ के साथ इसमें शम्मी कपूर, दारा सिंह, डिंपल कपाड़िया, ऋषि कपूर, सईद जाफरी और अमरीश पुरी जैसे किरदार नजर आए थे। इस फिल्म की चर्चा तो खूब हुई थी लेकिन कहानी दर्शकों का दिल नहीं जीत सकी।

ये थी सबसे महंगी फिल्म

उस दौर में ‘अजूबा’ भारत की सबसे महंगी फिल्म थी। इसे शशि कपूर ने डायरेक्ट और प्रोड्यूस दोनों किया था। सोवियत फिल्म मेकर के साथ उन्होंने इस फिल्म को बनाया था। बताया जाता है कि इसे बनाने में मेकर्स ने किसी तरह की कसर नहीं छोड़ी थी।

पिट गई थी फिल्म (Amitabh Bachchan)

‘अजूबा’ को अमिताभ बच्चन का कमबैक कहा जा रहा था क्योंकि इसके पहले उनकी फिल्में लगातार फ्लॉप हो रही थी। जब 1991 में ईद के मौके पर इसे रिलीज किया गया तो यह अपना कमाल नहीं दिखा सकी और बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गए। लोगों ने इसे मिले-जुले रिव्यू दिए थे। फिल्म के वीएफएक्स की जमकर तारीफ की गई थी वहीं स्क्रिप्ट, कहानी और डायरेक्शन लोगों को पसंद नहीं आया था। यही कारण रही की ‘अजूबा’ दर्शकों को इंप्रेस नहीं कर पाई और फेल हो गई। ऐसे में मेकर्स का करोड़ों रुपया बर्बाद हो गया। बताया जाता है कि इसे 8 करोड़ लगाकर बनाया गया था जो आज से 35 साल पहले काफी बड़ी रकम थी। हालांकि, यह अपनी लागत भी नहीं निकल पाई और केवल 3.50 करोड़ का बिजनेस कर पाई।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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