बॉलीवुड में एक और सुसाइड, अभिनेता आसिफ बसरा ने फांसी लगाकर की खुदकुशी

बॉलीवुड में एक और सुसाइड, अभिनेता आसिफ बसरा ने फांसी लगाकर की खुदकुशी

बॉलीवुड, डेस्क रिपोर्ट| फिल्मी जगत से एक के बाद एक दुखद खबर सामने आ रही है| अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की ख़ुदकुशी ने पूरे देश को हिला दिया था| अब खबर है कि अभिनेता आसिफ बसरा (Asif Basra Suicide) ने हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के धर्मशाला में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। आसिफ ने सुशांत सिंह राजपूत के साथ ‘काई पो छे’ समेत कई फिल्मों में काम किया था|

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के धर्मशाला (Dharamshala) में बसरा ने मैक्लोडगंज में जोगिबाड़ा रोड पर स्थित एक कैफे (Cafe) के पास सुसाइड किया है| उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया अभी इस बात का पता नहीं चल पाया है| फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।  मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आसिफ बसरा एक महिला के साथ लिव इन में मैक्लोडगंज में रहते थे| गुरुवार दोपहर वह अपने पालतू कुत्ते को घुमाने निकले थे| इसके बाद घर वापस आकर उन्होंने पालतू कुत्ते की ही रस्सी से फंदा लगा लिया| पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है|

कई फिल्मों में किया काम
आसिफ चर्चित टीवी कलाकार हैं, वे ‘जब वी मेट’, ‘वन्स अपॉन टाइम इन मुंबई’, ‘कृष 3’, ‘एक विलेन’ जैसी फिल्मों का हिस्सा भी रह चुके हैं। वे बॉलीवुड मूवी ‘परजानियां’ ब्लैक ‘फ्राईडे’ के अलावा, हॉलीवुड मूवी आउटसोर्स में भी नजर आए थे| इसके अलावा, बसरा हिमाचली फिल्म सांझ में भी अपने किरदार के लिए जाने जाते हैं| उन्होंने ‘वन्स अपोन ए टाइम इन मुंबई’ मूवी में भी उन्होंने इमरान हाशिमी के पिता का किरदार निभाया था| इसके अलावा उन्होंने ‘होस्टेजेस’ और ‘पाताललोक’ जैसी हिट वेब सीरीज में भी उन्होंने अहम भूमिकाएं निभाईं थीं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews