
भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की खूबसूरत अदाकारा दीया मिर्जा ने 4 साल पहले बच्चों को जन्म दिया था। अब उन्होंने प्रेगनेंसी फेस का बुरा अनुभव शेयर किया है। उन्होंने बताया कि डिलीवरी के वक्त उन्हें बहुत ही ज्यादा तकलीफ हुई थी। जन्म देने के बाद वह बेटे से करीब एक हफ्ते दूर रहीं और खुद भी मरते-मरते बचीं थीं। उन्होंने बताया कि प्रीमेच्योर बेबी को जन्म देना आसान नहीं है। जिसका खुलासा उन्होंने पहली बार किया है।
दीया मिर्जा ने वैभव रेखी से साल 2021 में दूसरी शादी रचाई थी, जिसके कुछ महीनों बाद उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया था, जिसका नाम अभियान आज़ाद रखा है।
पेट में इंफेक्शन
प्रेगनेंसी फेस को लेकर एक्ट्रेस ने बताया कि उस समय उनके पेट में इंफेक्शन हो गया था, जिसके चलते उनकी प्रीमेच्योर डिलीवरी हुई थी। स्थिति ऐसी थी कि वह खुद भी मरते-मरते बचीं। मीडिया से बात करते हुए दिया ने आगे बताया, “मुझे एक बैक्टीरियल इंफेक्शन हो गया था जो मेरी अपेंडिक्स सर्जरी का साइड इफेक्ट हो सकता है। मैंने इसकी सर्जरी अपनी प्रेगनेंसी के पांचवे महीने में करवाई थी। छठे महीने के आखिरी तक यह पता चला कि मेरी प्लेसेंटा से ब्लीडिंग हो रही थी और मेरा शरीर सेप्सिस की ओर जा रहा था। यदि बच्चों की डिलीवरी नहीं होती तो हम दोनों में से किसी को भी बचाया नहीं जा सकता था। यह एक्सपीरियंस बहुत ही खतरनाक और डरावना था।”
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बच्चे की हुई सर्जरी
आगे एक्ट्रेस ने बताया कि डिलीवरी के बाद यह पता चला कि उनके बेटे की आंख में छेद था और उसकी सर्जरी करनी पड़ी। जब बच्चा 20 दिन बाद डिस्चार्ज हुआ तब कंडीशन ऐसी थी कि कोई भी नर्स उन्हें छूने को तैयार नहीं थी। ऐसे में उन्होंने अकेले ही अपने बेटे की ड्रेसिंग की। जब बच्चा 3.5 किलो का हुआ तब उसकी एक और सर्जरी हुई जो कि 4 घंटे तक चली। फिलहाल उनका बच्चा हेल्दी है और तीनों जी रहे हैं।
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

