प्रदेश में खाद संकट पर कमलनाथ का तंज, BJP सरकार को समस्यायें पैदा करने का गोल्ड मैडल मिलना चाहिए

कमलनाथ ने कहा सर्वर डाउन है और ई-टोकन की व्यवस्था फिर से चरमरा रही है। ओटीपी किसान के लिए संकट बन गए हैं।
Kamal Nath allegations BJP government.

Kamal Nath allegations BJP government.

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर खाद संकट को लेकर तंज कसा है, उन्होंने X पर खाद संकट से जुडी एक खबर शेयर करते हुए लिखा कि भाजपा सरकार को समस्यायें उत्पन्न करने का गोल्ड मैडल मिलना चाहिए। किसी भी सिस्टम को कैसे चौपट करना है, इसमें भाजपा को महारत हासिल है।

कमलनाथ ने अपन X एकाउंट पर एक अख़बार की खबर शेयर की है जिसमें बताया गया है कि  प्रदेश में खाद का पर्याप्त स्टॉक है उसके बावजूद तकनीकी खामियों के चलते किसान खाद संकट से जूझ रहा है नेटवर्क नहीं मिलने से ओटीपी नहीं मिलता जिसके कारण किसान को खाद नहीं ममिल पाता वो कई कई घंटे वितरण केंद्र पर खड़ा रहने के बाद भी बिना खाद लिए निराश घर लौट जाता है , कमलनाथ ने इसके लिए प्रदेश की भाजपा सरकार को जिम्मेदार बताया है।

सिस्टम को चौपट करने में BJP को महारत हासिल : कमलनाथ 

कमलनाथ ने X पर लिखा-  प्रदेश की भाजपा सरकार को समस्यायें उत्पन्न करने का गोल्ड मैडल मिलना चाहिए। किसी भी सिस्टम को कैसे चौपट करना है, इसमें भाजपा को महारत हासिल है। प्रदेश में हर साल किसान खाद के लिए मारा-मारा फिरता है। खाद के लिए लंबी लाइन, गोदामों के बाहर भीड़, कालाबाजारी और नकली खाद, प्रदेश के किसान के लिए भाजपा का अभिशाप बन गया है।

इस बार जब सरकार दावा कर रही है कि खाद का पर्याप्त स्टॉक है तब भी किसान की हालत में कोई बदलाव नहीं है। सर्वर डाउन है और ई-टोकन की व्यवस्था फिर से चरमरा रही है। ओटीपी किसान के लिए संकट बन गए हैं। इसकी वजह है भाजपा सरकार द्वारा घटिया तकनीक का इस्तेमाल और प्रदेश की ख़राब इंटरनेट कनेक्टिविटी।

कमलनाथ की मांग, किसानों को तकनीकी समस्या में नहीं उलझाएं

पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखा जब पिछले दिनों किसानों ने आंदोलन किया था तब ई-टोकन व्यवस्था ख़त्म कर दी गई थी लेकिन अब बिना तकनीकी अपग्रेडेशन के फिर चालू कर दी गई है। मेरी माँग है कि तकनीकी समस्याओं में किसान को न उलझाएं। किसान पहले से ही आपकी नीतियों से बदहाल है। खाद का सुचारू और समुचित वितरण शुरू कराएं ताकि हर साल की तरह खाद वितरण एक कृषि समस्या ना बन जाए।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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