MP विधानसभा का शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से शुरू, 11 दिसंबर तक चलेगी कार्यवाही, कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में विपक्ष

मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 7 से 11 दिसंबर 2026 तक चलेगा। वहीं, विपक्ष खाद की कमी, बिजली कटौती, जहरीली शराब और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिलने जैसे मुद्दे उठा सकता है।
MP Assembly Winter Session 2026

भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र 2026 को लेकर घोषणा हो चुकी है। शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से शुरू होकर 11 दिसंबर तक चलेगा। राज्यपाल मंगुभाई पटेल की मंजूरी के बाद विधानसभा सचिवालय ने 12वें सत्र की अधिसूचना जारी कर दी है। विधानसभा की कार्यवाही 5 दिन चलेगी। इस दौरान कोई भी अवकाश नहीं रहेगा।

बता दें कि पांच दिवसीय इस सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार वित्तीय वर्ष का दूसरा अनुपूरक बजट पेश करने के साथ कई महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन से पारित कराने की तैयारी में है। अनुपूरक बजट की तैयारियां वित्त विभाग द्वारा पूरी की जा रही हैं। जानकारी अनुसार, विधानसभा सचिवालय ने विधायकों से अशासकीय विधेयकों और संकल्पों से संबंधित सूचनाएं निर्धारित समय-सीमा में भेजने को कहा है।

पांच दिनों तक होंगी विधानसभा की बैठकें

जानकारी अनुसार, सोमवार 7 दिसंबर से विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत होगी। पहले दिन प्रश्नोत्तर के बाद शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे। इसी तरह मंगलवार 8 दिसंबर, बुधवार 9 दिसंबर और गुरुवार 10 दिसंबर को भी प्रश्नोत्तर के बाद शासकीय कार्यों के लिये समय निर्धारित किया गया हैं। इन चारों दिनों सदन में विधायी और अन्य शासकीय कामकाज होंगे।

वहीं, शुक्रवार 11 दिसंबर को सत्र का अंतिम दिन होगा। इस दिन भी सबसे पहले प्रश्नोत्तर होंगे। इसके बाद दोपहर 1:30 बजे तक शासकीय कार्य संपादित किये जाएंगे। दोपहर 1:30 बजे के बाद सदन में अशासकीय कार्यों के लिये समय निर्धारित किया गया है। इस तरह पांच दिवसीय सत्र के अंतिम दिन अशासकीय कार्यों को भी कार्यसूची में शामिल किया गया है।

कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष

बता दें कि इस बार शीतकालीन सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए कई मुद्दों पर तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश में खाद की कमी और किसानों को हो रही परेशानियों का मामला सदन में उठ सकता है। इसके अलावा बिना सूचना बिजली कटौती और किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिलने जैसे मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगा जा सकता है।

सदन में गूंज सकता है जहरीली शराब से हुई मौतों का मुद्दा

वहीं, सदन के सत्र के दौरान कांग्रेस जहरीली शराब से हुई मौतों और अवैध शराब के कारोबार के मुद्दों को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े कर सकती है। इसके साथ ही, सरकारी नौकरियों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिलने का मुद्दा भी विधानसभा में गूंजने की संभावना है। विपक्ष इन मामलों को लेकर सरकार से जवाब और कार्रवाई की मांग कर सकता है।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

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