
Jitu Patwari
मध्यप्रदेश में सफाईकर्मियों की हड़ताल के चलते कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। त्योहार के समय सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा होने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सफाईकर्मियों की मांगों पर तत्काल सुनवाई करने और उनके साथ न्याय करने की अपील की है।
कांग्रेस नेता ने भाजपा सरकार पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि जब सफाईकर्मी भाजपा नेताओं, सांसदों और विधायकों की सेवा करते हैं तब सत्ता को अच्छे लगते हैं, लेकिन जैसे ही वे अपने अधिकारों की मांग करते हैं, सरकार को खटकने लगते हैं।। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सफाईकर्मियों के साथ खड़ी है और उनकी सभी मांगों का समर्थन करती है।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
जीतू पटवारी ने कहा कि सफाईकर्मियों की प्रमुख मांग नियमितीकरण और वेतन वृद्धि है। बीजेपी को घेरते हुए उन्होंने कहा कि जब स्वच्छता का श्रेय लेने और तमगे हासिल करने की बात आती है तो सरकार के नुमाइंदे आगे आकर अपनी पीठ थपथपाते हैं, लेकिन स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने वाले कर्मचारियों के अधिकारों की बात आने पर सरकार मौन हो जाती है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कर्मचारियों की जायज मांगों पर सरकार का यह रवैया क्यों है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पार्षद से लेकर सांसद तक के यहां पांच से सात सफाईकर्मी सेवा में लगे रहते हैं। नेताओं को तब उनकी सेवाएं अच्छी लगती हैं, लेकिन जब यही कर्मचारी अपने हक के लिए आवाज उठाते हैं तो उनकी सुनवाई नहीं होती।
सफाईकर्मियों की हड़ताल जारी
बता दें कि प्रदेश के नगरीय निकायों में कार्यरत सफाईकर्मी लंबे समय से नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और ठेका प्रथा समाप्त करने जैसी कई मांगें उठा रहे हैं। इन मांगों को लेकर सफाई कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। 3 नवंबर को भोपाल के शाहजहानी पार्क में प्रदेशभर के सफाईकर्मियों ने प्रदर्शन किया था। इसके बाद 4 नवंबर से प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों में कामबंद हड़ताल शुरू कर दी गई। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में सफाईकर्मी शामिल हैं। हड़ताल के कारण भोपाल सहित कई शहरों में कचरा संग्रहण और नियमित सफाई का काम प्रभावित हुआ है।
सफाईकर्मियों की मांग है कि वर्षों से अस्थायी, दैनिक वेतनभोगी और संविदा के आधार पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित किया जाए। इसके साथ ही न्यूनतम वेतन में वृद्धि, ठेका और आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करने तथा कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा और अन्य सुविधाएं देने की मांग भी उठाई जा रही है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें स्थायी रोजगार और सम्मानजनक वेतन नहीं मिल रहा है।
मुख्यमंत्री जी,
BJP नेताओं, सांसदों, विधायकों की 'सेवा' करते सफाईकर्मी सत्ता को अच्छे लगते हैं, लेकिन जैसे ही कुछ मांग करते हैं, सरकार को खटकने लग जाते हैं! यह दोहरा रवैया क्यों?तत्काल सुनवाई करें!
मांगों पर गंभीरता से विचार करें!@DrMohanYadav51 pic.twitter.com/uGV6cKUj0x— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) November 6, 2026
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

