KK Love Story: अपने बचपन के प्यार से की शादी, बीच सफर में छोड़ गए साथ, जाने केके के प्यार का सफर 

KK Love Story: अपने बचपन के प्यार से की शादी, बीच सफर में छोड़ गए साथ, जाने केके के प्यार का सफर 

मनोरंजन, डेस्क रिपोर्ट। KK Love Story:- कृष्ण कुमार कुन्नथ, जिन्हें KK के नाम से जाना जाता है बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री की बड़ी हस्तियों में से एक थे। उनके अचानक मृत्यु के कारण पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री में शोक की लहर फैल चुकी है। केके के फैंस उनकी मौत से सदमे में। उन्होंने म्यूजिक इंडस्ट्री ने यह मुकाम कई संघर्षों के बाद पाया और अपने करियर में कई हीट गाने दिए। पूरी ज़िंदगी म्यूजिक से जुड़े केके का निधन भी उनके कंसर्ट के वक्त हुआ। कार्यक्रम के दौरान अचानक हार्ट अटैक आने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हे डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया और सिर्फ 53 की उम्र में केके अपने प्रिय जनों को निराश कर चले गए।

kk की शादी की तस्वीर

यह भी पढ़े… Panchayat 2 : एक्टिंग छोड़ सरकारी नौकरी ढूंढो, विकास उर्फ Chandan Roy की मम्मी ने दी नसीहत

केके अपनी पर्सनल लाइफ को काभी सबके सामने उजागर नहीं करते थे, भले ही वह भारत का जाना-माना चेहरा रहे हो। क्या आपको पता है उनके रोमांटिक गानों की तरह उनकी खुद की ज़िंदगी भी प्यार के अफसानों से भारी थी। उनकी पत्नी का नाम ज्योति है और दोनों के दो बच्चें भी है, एक बेटी और एक बेटा। एक चर्चित शो के दौरान केके ने अपने लव स्टोरी को बताया था। उनके मुताबिक जब वो क्लास 6 में जब ज्योति से उनकी मुलाकात हुई थी। समय के साथ दोनों में नजदीकियाँ आई और अपने आखिरी सांस तक वो अपनी पत्नी के साथ रहे। दोनों बचपन से एक दूसरे के साथ थे और फिर 1991 में शादी कर ली। आइए जाने उनके प्यार का सफर:-

  • जरूरत के कारण नौकरी करनी पड़ी और शुरुवात सेल्समैन की नौकरी से की।
  • नौकरी मिलते ही उन्होंने 1991 में ज्योति से शादी कर ली।
  • 6 महीने बाद ही नौकरी छोड़ कर पत्नी और पिता की सहमति से म्यूजिक की रह पर चल पड़े।
  • अपने दोस्त सैबल बसु और शिबानी कश्यप के साथ जिंगल्स बनाना शुरू किया।
  • दिल्ली में अपना सुनहरा भविष्य ना देखते हुए मुंबई आ गए।
  • देखते की देखते बॉलीवुड के जाने-माने नाम बन गए।
  • उनके इस सफर में ज्योति ने भी साथ निभाया।
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews