‘रामायण’ टीजर पर भड़के सुनील लहरी! रणबीर कपूर के रोल पर उठाए बड़े सवाल

रामायण टीजर को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। सुनील लहरी ने रणबीर कपूर के लुक और किरदार पर सवाल उठाए हैं। क्या नई रामायण दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतर पाएगी? जानिए पूरा मामला आसान भाषा में।
‘रामायण’ टीजर पर भड़के सुनील लहरी

जब भी रामायण जैसे पवित्र ग्रंथ को पर्दे पर उतारा जाता है, तो लोगों की उम्मीदें अपने आप बढ़ जाती हैं। हर कोई चाहता है कि भगवान राम का किरदार वैसा ही दिखे, जैसा उन्होंने बचपन से देखा और महसूस किया है। अब जब नई फिल्म ‘रामायण’ का टीजर सामने आया, तो इसी उम्मीद के साथ लोगों ने उसे देखा।

लेकिन टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर रिएक्शन आने लगे। कुछ लोगों को यह पसंद आया, तो कुछ ने इसे लेकर सवाल उठाए। इसी बीच रामानंद सागर की रामायण में लक्ष्मण का किरदार निभा चुके सुनील लहरी का बयान सामने आया, जिसने इस चर्चा को और तेज कर दिया।

रामायण टीजर पर सुनील लहरी की प्रतिक्रिया

रामायण टीजर को लेकर सुनील लहरी ने खुलकर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि फिल्म के कुछ हिस्से उन्हें उतने प्रभावशाली नहीं लगे, जितनी उम्मीद की जा रही थी।

खासतौर पर उन्होंने रणबीर कपूर के भगवान राम वाले किरदार पर बात की। उनके अनुसार, इस रोल के लिए जिस तरह की मासूमियत और शांति चाहिए, वह टीजर में पूरी तरह नजर नहीं आई।

हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी फिल्म का पूरा मूल्यांकन सिर्फ टीजर देखकर नहीं किया जा सकता। लेकिन उनकी यह टिप्पणी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।

रणबीर कपूर के किरदार पर क्यों उठे सवाल

सुनील लहरी का मानना है कि रणबीर कपूर ने हाल ही में ‘एनिमल’ जैसी फिल्म में एक आक्रामक और अलग तरह का किरदार निभाया है। ऐसे में दर्शकों के लिए अचानक उन्हें भगवान राम के रूप में स्वीकार करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

उन्होंने कहा कि दर्शकों के मन में एक छवि बन जाती है, जिसे बदलना आसान नहीं होता। यही वजह है कि कुछ लोग रणबीर के इस किरदार से तुरंत जुड़ नहीं पा रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि रणबीर एक अच्छे अभिनेता हैं और वह अपनी एक्टिंग से इस किरदार को बेहतर बना सकते हैं।

रमानंद सागर की रामायण से तुलना

जब भी नई रामायण बनती है, तो उसकी तुलना पुरानी रामायण से होना तय है। सुनील लहरी ने भी इस बात को स्वीकार किया कि रमानंद सागर की रामायण में जो भावनाएं थीं, वह आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। उन्होंने कहा कि 30-40 साल बाद भी लोग उस रामायण को उतना ही पसंद करते हैं, क्योंकि उसमें सादगी, भाव और सच्चाई थी। वही चीजें दर्शकों को उससे जोड़ती थीं। उन्होंने अरुण गोविल का जिक्र करते हुए कहा कि उनके चेहरे पर जो शांति और धैर्य था, वह भगवान राम के किरदार के लिए बिल्कुल सही था। यही वजह है कि आज भी लोग उन्हें भगवान राम के रूप में देखते हैं।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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