थलपति विजय से पहले इन फिल्मी सितारों ने तमिलनाडु की सियासत में बनाई पहचान, रामचंद्रन बने MGR तो जयललिता बनीं अम्मा

तमिलनाडु की राजनीति में प्रवेश करने के बाद लोगों के फेवरेट एक्टर थलपति विजय ने ये साबित कर दिया है कि सिनेमा अब भी राजनीतिक पहचान गढ़ सकता है। उनके पहले कई फिल्मी सितारे रहे जिन्होंने जनता के बीच पहचान बनाई।
Tamilnadu politics

आज तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में टीवीके चीफ सी जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इसी के साथ एक बार फिर राज्य की सरकार में एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री देखने को मिलेगा। विजय डीएमके और आईडीएमके गठबंधन से बाहर के पहले ऐसा नेता बन गए हैं जो 1967 के बाद तमिलनाडु सरकार का नेतृत्व करेंगे।

विजय को प्रदेश की राजनीति में देखने के बाद उनके चाहने वाले काफी खुश नजर आ रहे हैं। वैसे आपको बता दें कि तमिलनाडु में अभिनेताओं के राजनीति में प्रवेश करने और सफल होने का ही सिलसिला कोई नया नहीं है। इसके पहले भी कई सितारे आए हैं, जिनका फिल्मी बैकग्राउंड भी मजबूत था और जब उन्होंने राजनीति में कदम रखा तो खूब सफलता हासिल की। आज हम आपको उन्हीं सितारों के बारे में बताते हैं।

सत्ता का बड़ा नाम रहे MGR

तमिलनाडु में सीधे सत्ता तक पहुंचने वाले सितारों में सबसे बड़ा उदाहरण एमजी रामचंद्रन हैं, जिन्हें MGR के नाम से पहचाना जाता है। अपनी फिल्मों के जरिए वो जनता के बीच गरीबों के मसीहा, भ्रष्टाचार से लड़ने वाले, न्यायप्रिय नेता के रूप में स्थापित किया। जब राजनीति में आए तो इस छवि का उन्हें जबरदस्त फायदा मिला। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर सिनेमाई छवि जनता की उम्मीद से मेल खाती है, तो सीधा वोट में तब्दील हो जाती है।

जयललिता बनीं लोगों की अम्मा

MGR के निधन के बाद उनकी विरासत को जयललिता संभालती हुई दिखाई दीं। फिल्मी दुनिया से राजनीति में आने वाली जयललिता ने शुरुआत में पार्टी के भीतर विरोध का सामना किया। हालांकि, धीरे-धीरे उन्होंने AIADMK पर पूरा कंट्रोल हासिल कर लिया। उन्होंने सस्ती दवाएं, सब्सिडी वाले उत्पाद, महिला केंद्रित योजनाएं अम्मा कैंटीन शुरू किया। अपनी इस छवि से वो लोगों के बीच अम्मा के नाम से पहचानी जाने लगीं।

रजनीकांत

रजनीकांत एक ऐसा चेहरा है जिनके चाहने वाले दुनिया भर में हैं। उनकी लोकप्रियता की वजह से राजनीतिक संभावनाएं बार-बार सामने आई। फिल्मों में उन्हें सिस्टम से लड़ने वाले नायक की छवि ने लोगों के बीच बहुत पहचान दिलाई। 1990 के दशक से ही राजनीतिक रुख पर उनकी नजर रहा करती थी। उनका एक बयान भी चुनावी परिणामों को प्रभावित करने वाला माना जाता था। कई बार घोषणाओं के बाद भी उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश नहीं किया।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
Follow Us :GoogleNews