‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’ की अमर आवाज सुमन कल्याणपुर नहीं रहीं, 89 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

दिग्गज पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन से भारतीय संगीत जगत को बड़ा झटका लगा है। 89 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। हिंदी, मराठी और कई भाषाओं में गाए उनके सदाबहार गीत आज भी संगीत प्रेमियों की जुबान पर हैं। उनके जाने से भारतीय फिल्म संगीत के एक सुनहरे दौर का अंत माना जा रहा है।
सुमन कल्याणपुर

भारतीय संगीत जगत से एक और दुखद खबर सामने आई है। अपनी मधुर और भावपूर्ण आवाज से लाखों दिलों को छूने वालीं दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म और संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई। दशकों तक अपनी गायकी से लोगों के दिलों में खास जगह बनाने वाली सुमन कल्याणपुर अपने पीछे एक ऐसी संगीत विरासत छोड़ गई हैं, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी।

सुमन कल्याणपुर उन चुनिंदा गायिकाओं में शामिल थीं, जिन्होंने हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णिम दौर में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी आवाज की मिठास और गीतों में भावनाओं की गहराई ने उन्हें लाखों श्रोताओं का पसंदीदा बनाया। उन्होंने कई बड़े संगीतकारों और कलाकारों के साथ काम किया और सैकड़ों यादगार गीतों को अपनी आवाज दी। उनके गाए गाने आज भी रेडियो, मंचों और संगीत कार्यक्रमों में सुनाई देते हैं।

सुमन कल्याणपुर के सदाबहार गीत आज भी लोगों की पसंद

संगीत प्रेमियों के बीच सुमन कल्याणपुर का नाम हमेशा उनके लोकप्रिय गीतों के लिए याद किया जाएगा। “आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे”, “ना ना करते प्यार तुम्हीं से”, “तुमने पुकारा और हम चले आए” जैसे गीतों ने उन्हें घर-घर तक पहुंचाया। उनकी आवाज में एक अलग तरह की सहजता थी, जो सीधे श्रोताओं के दिल तक पहुंचती थी।

हिंदी फिल्मों के अलावा मराठी संगीत में भी उनका योगदान बेहद अहम रहा। “केतकिच्य बानी तिथे”, “संग कधी कळणार तुला” और “निंबोन्याच्या झाडामागे” जैसे गीत आज भी मराठी संगीत प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। यही वजह है कि उनका संगीत केवल एक दौर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई पीढ़ियों तक लोगों के साथ जुड़ा रहा। संगीत विशेषज्ञ मानते हैं कि उनकी गायकी में भाव, सुर और शब्दों का संतुलन उन्हें अपने समय की सबसे खास आवाजों में शामिल करता है।

सुमन कल्याणपुर निधन पर नेताओं और कलाकारों ने जताया शोक

सुमन कल्याणपुर के निधन के बाद राजनीति और मनोरंजन जगत की कई बड़ी हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। वरिष्ठ नेता शरद पवार ने कहा कि उनकी आवाज ने भारतीय संगीत को समृद्ध किया और उनके गीत हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे। उन्होंने इसे भारतीय संगीत के एक सुनहरे अध्याय का अंत बताया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी उनके निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सुमन कल्याणपुर ने छह दशकों से अधिक समय तक अपनी गायकी से करोड़ों लोगों को प्रभावित किया। हिंदी, मराठी, बंगाली, ओड़िया समेत कई भाषाओं में गाए उनके गीत संगीत जगत की अमूल्य धरोहर हैं। उनके निधन से संगीत जगत को ऐसी क्षति हुई है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी। हालांकि उनकी आवाज और उनके गीत हमेशा श्रोताओं के बीच जीवित रहेंगे और भारतीय संगीत इतिहास में उनका नाम सम्मान के साथ लिया जाता रहेगा।

Bhawna Choubey
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