मध्य प्रदेश मौसम पर अपडेट, 2 दिन पूर्वी हिस्से में बूंदाबांदी, 10 से मानसून की विदाई, गुलाबी ठंड की दस्तक जल्द

10 अक्टूबर से प्रदेश से मानसून की वापसी शुरू हो जाएगी। हालांकि छत्तीसगढ़ से लगे पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में गुरुवार शुक्रवार को कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है।
MP weather

MP Weather Forecast : कोई मजबूत मौसम प्रणाली के सक्रिय ना होने से मध्य प्रदेश का मौसम एक बार फिर बदल गया है। अब कहीं भी प्रदेश में भारी वर्षा की संभावना नहीं है हालांकि छत्तीसगढ़ से लगे पूर्वी हिस्सों में 2 दिन तक बादल छाने के साथ बूंदाबांदी हो सकती है भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर जैसे शहरों में भी दिन में तेज धूप निकलेगी।अबतक 15 जिलों से दक्षिण पश्चिम मानसून की विदाई हो चुकी है और अगले 10 अक्टूबर से प्रदेश के अन्य जिलों से भी मानसून विदा होने लगेगा।

आज कहां कैसा रहेगा मौसम

गुरुवार को रीवा, शहडोल, जबलपुर संभाग के जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया जिलों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है।

क्या कहता है मध्य प्रदेश मौसम विभाग का पूर्वानुमान

  • दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी रेखा 20° उत्तर/69° पूर्व, वेरावल, भरूच, उज्जैन, झाँसी, शाहजहाँपुर और 30° उत्तर/81° पूर्व से होकर गुज़र रही है। अगले 2-3 दिनों के दौरान गुजरात के शेष भागों; मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और भागों तथा महाराष्ट्र के कुछ भागों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं।
  • सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र (चक्रवातीय तूफान शक्ति का अवशेष) पश्चिम-मध्य अरब सागर पर
    अवस्थित है। इससे जुड़ा चक्रवातीय परिसंचरण माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है। इसके पश्चिम-मध्य अरब सागर के ऊपर पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर बढ़ते रहने और अगले 12 घंटों के दौरान कमज़ोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है।
  • पश्चिमी विक्षोभ, एक प्रेरित निम्न दबाव क्षेत्र, एक ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में पूर्वी
    हरियाणा और निकटवर्ती क्षेत्रों में माध्य समुद्र तल पर 4.5 किमी पर अवस्थित है। इसके साथ ही एक
    ट्रफ़ 28° उत्तर अक्षांश के उत्तर में एवं 77° पूर्वी देशांतर में माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई
    पर विस्तृत है।

मध्य प्रदेश : अबतक 15 जिलों से मानसून विदा

  • अबतक मध्य प्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। इसमें उज्जैन, राजगढ़,अशोकनगर ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम और उज्जैन शामिल हैं।
  • आमतौर पर मानसून 6 अक्टूबर तक विदा हो जाता है लेकिन इस बार नए वेदर एक्टिव होने से मानसून की वापसी में देरी हो रही थी और अब मानसून वापसी की परिस्थितियां अनुकूल है, ऐसे में 10-12 अक्टूबर से पूरे प्रदेश से मानसून की विदाई संभव है। इस वर्ष मानसून ने प्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी।

Madhya Pradesh: 1 जून से 8 अक्टूबर तक कहां कितनी हुई वर्षा

  • मध्य प्रदेश में अब तक 47 इंच बारिश हो चुकी है वैसे 37.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.2 इंच है। अब तक 122 प्रतिशत बारिश हो चुकी है पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।
  • गुना में सबसे ज्यादा 65.6 इंच बारिश हुई। मंडला-रायसेन में 62 इंच और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। हालांकि शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार में सबसे कम बारिश हुई।
  • ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।

MP Weather Forecast Till 10 October

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews