सोनिया गांधी के Poor Lady वाले बयान पर राष्ट्रपति भवन की बड़ी प्रतिक्रिया, टिप्पणी को बताया अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण

राष्ट्रपति कार्यालय का मानना है कि संभवतः इन नेताओं ने हिंदी जैसी भारतीय भाषाओं की अभिव्यक्ति और शैली को सही से नहीं समझा और इस कारण गलत धारणा बना ली। किसी भी स्थिति में, इस तरह की टिप्पणियां अनुचित, दुर्भाग्यपूर्ण और पूरी तरह से टालने योग्य है।
President Draupadi Murmu

Rashtrapati Bhavan reaction Sonia Gandhi Poor Lady statement: कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष, वरिष्ठ नेता, राज्यसभा सदस्य सोनिया गांधी द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बेचारी कहने पर राष्ट्रपति भवन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है, एक प्रेस रिलीज में राष्ट्रपति भवन ने बयान को अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण बताया साथ ही कहा ये सच्चाई से कोसों दूर है 

बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण में अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया उन्होंने देश की प्रगति, आर्थिक स्थिति सहित अन्य कई महत्वपूर्व बिन्दुओं को अपने भाषण में रेखांकित किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के तमाम बड़े नेताओं ने राष्ट्रपति के अभिभाषण की प्रशंसा की लेकिन कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसे बोरिंग कह दिया, उनकी माँ सोनिया गांधी ने तो इससे भी बड़ी प्रतिक्रिया दे दी जो चर्चा का विषय बन गई है। 

दरअसल राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अपनी माँ सोनिया गांधी के साथ जब संसद परिसर में अपनी कारों का इंतजार कर रहे थे तब कुछ मीडियाकर्मियों ने उनसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बयान पर प्रतिक्रिया चाही, राहुल गांधी ने तुरंत इसे बोरिंग कह दिया और कहा वो एक ही बात को रिपीट कर रही थीं, इसके बाद सोनिया गांधी ने कहा Poor Lady राष्ट्रपति भाषण के अंत में बहुत थक गई थी।

सोनिया गांधी के Poor Lady वाले बयान पर मचा बवाल 

सोनिया गांधी के इस बयान पर बवाल मच गया , भाजपा नेताओं ने इसे ना सिर्फ महिला राष्ट्रपति का अपमान कहा बल्कि इसे गरीब विरोधी, आदिवासी विरोशी, महिला विरोधी बयान बताया और कांग्रस पार्टी एवं सोनिया गांधी से माफ़ी मांगने की मांग की, उधर राष्ट्रपति भवन ने भी प्रेस रिलीज जारी कर सोनिया गांधी के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

कांग्रेस नेता की टिप्पणी उच्च पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली

राष्ट्रपति भवन ने कहा -संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, कांग्रेस पार्टी के कुछ प्रमुख नेताओं ने ऐसी टिप्पणियां की हैं जो स्पष्ट रूप से इस उच्च पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली हैं और इसलिए अस्वीकार्य हैं। इन नेताओं ने कहा कि राष्ट्रपति अंत तक बहुत थक गई थीं और वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही थीं, राष्ट्रपति भवन यह स्पष्ट करना चाहता है कि यह सच्चाई से कोसों दूर है। राष्ट्रपति किसी भी समय थकी नहीं थीं।

हाशिए पर खड़े समुदायों, महिलाओं, किसानों के लिए आवाज उठाना थकाने वाला नहीं हो सकता

दरअसल, उनका मानना है कि हाशिए पर खड़े समुदायों, महिलाओं और किसानों के लिए आवाज उठाना कभी थकाने वाला नहीं हो सकता, जैसा कि वे अपने अभिभाषण के दौरान कर रही थीं। राष्ट्रपति कार्यालय का मानना है कि संभवतः इन नेताओं ने हिंदी जैसी भारतीय भाषाओं की अभिव्यक्ति और शैली को सही से नहीं समझा और इस कारण गलत धारणा बना ली। किसी भी स्थिति में, इस तरह की टिप्पणियां अनुचित, दुर्भाग्यपूर्ण और पूरी तरह से टालने योग्य है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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