अहमदाबाद विमान हादसा, अमेरिकी वकील का दावा, शॉर्ट सर्किट से हुई दुर्घटना

अहमदाबाद में 12 जून को हुई एअर इंडिया की विमान दुर्घटना को लेकर नया दावा सामने आया है। इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में केवल एक ही व्यक्ति जीवित बचा था। अमेरिका के सीनियर अटॉर्नी माइक एंड्रयूज ने बड़ा खुलासा किया है।
अहमदाबाद विमान हादसा, अमेरिकी वकील का दावा, शॉर्ट सर्किट से हुई दुर्घटना

अहमदाबाद में 12 जून को हुई एअर इंडिया की विमान दुर्घटना को लेकर नया दावा सामने आया है। इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में केवल एक ही व्यक्ति जीवित बचा था। हादसे के बाद शुरू में पायलटों को जिम्मेदार ठहराने की बातें उठीं, लेकिन अब अमेरिका के सीनियर अटॉर्नी माइक एंड्रयूज ने बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि यह दुर्घटना तकनीकी खराबी यानी शॉर्ट सर्किट की वजह से हुई थी, न कि पायलट की गलती से।

माइक एंड्रयूज, जो इस हादसे में मारे गए अधिकांश यात्रियों के परिवारों की ओर से केस लड़ रहे हैं, ने पायलटों को निर्दोष बताते हुए ब्लैक बॉक्स के डेटा की मांग की है। उन्होंने अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) के दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि शॉर्ट सर्किट विमान के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में पानी के रिसाव की वजह से हुआ। एंड्रयूज ने कहा कि शॉर्ट सर्किट के चलते फ्यूल स्विच अपने आप बंद हो सकता है, जिसके कारण विमान का नियंत्रण बिगड़ा और यह हादसा हुआ।

अहमदाबाद विमान हादसा

एंड्रयूज ने अमेरिकी कानून के तहत याचिका दायर कर फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और ब्लैक बॉक्स के विस्तृत अध्ययन की मांग की है। उनका कहना है कि नए सबूत स्पष्ट करते हैं कि हादसे की मुख्य वजह पायलट की चूक नहीं, बल्कि तकनीकी खराबी थी। वकील ने यह भी कहा कि FAA ने पहले ही अपने निर्देशों में ऐसे खतरों की आशंका जताई थी।

FAA ने 14 मई 2025 को अपने निर्देशों में बताया था कि कई विमानों में वाटर लाइन कपलिंग से पानी के रिसाव की शिकायतें सामने आई हैं। इस रिसाव के चलते इलेक्ट्रॉनिक उपकरण गीले हो जाते हैं और शॉर्ट सर्किट की स्थिति पैदा होती है। FAA ने खासतौर पर बोइंग कंपनी के 787-8, 787-9 और 787-10 मॉडल विमानों का उल्लेख किया था। अहमदाबाद हादसे में दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान भी बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर था।

इस नए दावे के बाद एक बार फिर हादसे की जांच पर सवाल उठने लगे हैं। पीड़ितों के परिवारों ने भी इस बात की मांग की है कि ब्लैक बॉक्स के डेटा को सार्वजनिक किया जाए और दोषियों की पहचान सही तथ्यों के आधार पर की जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर एंड्रयूज का दावा सही साबित होता है तो एअर इंडिया और बोइंग कंपनी की जिम्मेदारी गंभीर हो सकती है।

लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews